बेड से उतरते समय जमीन पर पैर रखते ही चीख निकल जाती है, क्योंकि एड़ी का दर्द आपको अपने ही पैरों पर खड़े होने और चलने नहीं देता है…यह आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। अब सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं बल्कि युवा और टीनेजर्स भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। आइए, यहां जानते हैं इस दिक्कत के कारण और समाधान के बारे में…
क्यों होता है एड़ी में दर्द?
आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में वायु और पित्त बढऩे के कारण एडिय़ों में दर्द और दुखन की समस्या होती है। वायु बढऩे पर एड़ी में दर्द होता है और पित्त बढऩे पर एडिय़ों में गर्माहट या जलन का अहसास होता है।
– कई लोगों को एड़ी के निचले हिस्से में दर्द और दुखन की समस्या होती है। इस समस्या के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इनमें स्नायु तंत्र, पाचन, गठिया या किसी संक्रमण के कारण होनेवाली समस्या शामिल हो सकती है।
-वहीं, युवाओं में इस समस्या का सबसे अधिक कारण यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ होना देखने को मिल रहा है। शरीर में यूरिक एसिड आमतौर पर उस स्थिति में बढ़ता है, जब हम प्रोटीन डायट का सेवन बहुत अधिक कर रहे हों। या किसी भी कारण से हमारा लिवर प्रोटीन को पचा ना पा रहा हो।
यूरिक एसिड बढऩे के कारण
-आजकल युवा मसल्स बनाने के लिए बिना पूरी जानकारी जुटाए प्रोटीन शेक और प्रोटीन डायट ले रहे हैं। प्रोटीन लेने में कोई समस्या नहीं है, यह हमारे शरीर की जरूरत है। लेकिन आवश्यकता से अधिक कुछ भी खाने पर वह शरीर को नुकसान तो पहुंचाएगा ही ना।
-इसके साथ ही यदि आप जो खा रहे हैं, उसे आपका शरीर ठीक से पचा नहीं पा रहा हो, तब भी शरीर में कोई ना कोई दिक्कत जरूर होती है। इसमें पेट में दर्द, अपच, ठीक से मोशन ना होना, लगातार गैस बनना आदि शामिल हैं।
अधिक दाल खाना भी दे सकता है परेशानी
-सब्जी कम और दाल अधिक खाने से भी एडिय़ों में दर्द होने लगता है क्योंकि इस कारण शरीर में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो जाती है, जिससे यूरिक एसिड बढ़ जाता है।
– कई बार अधिक प्रोटीन डायट लेने से आंत की अवशोषण शक्ति कम हो जाती है। ऐसे में कई बार लिवर की कमी के कारण पेशाब बन नहीं पाता है। इस कारण व्यक्ति को भूख नहीं लगती, कभी लगती है तो बहुत तेज लगती है, ऐसे में व्यक्ति जब खाना खाने बैठता है तो उसे पता ही नहीं लगता है कि वह कितना खाना खा चुका है या उसे और कितना खाना खाना है।


