कांकेर में विरोध स्वरुप अखबार की प्रतियाँ भी जलाई गयी
बस्तर/कांकेर /रायपुर 11 अगस्त 19( इंडिया न्यूज रूम ) छत्तीसगढ़ में आदिवासी अस्मिता और जातीय स्वाभिमान में उभार आया हुआ है इन दिनों बस्तर की संस्कृति “घोटुल ” पर गलत व भ्रामक लेख लिखने को लेकर आदिवासी समुदाय भड़का हुआ है. लिहाजा उसने असंवेदनशील मीडिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के कांकेर, कोंडागांव, अंतागढ़, बालोद, भिलाई के जिला मुख्यालयों और ब्लॉक मुख्यालय के थानों समेत दर्जनों थानों और चौकियों में एफआईआर की अर्जियां दी गयीं. इतना ही नहीं उत्तर बस्तर के कांकेर में तो एक अखबार की प्रतियां भी जलाई गईं.

आदिवासी समुदाय द्वारा एफआईआर के लिए दिए गए आवेदन के अनुसार दिनांक 30 जुलाई 2019 को 09 बजकर 06 मिनट पर पत्रिका समाचार पत्र ने अपनी न्यूज बेवसाइट पर “गोटुल” को संबोधित करते हुए एक बेहद अपमानजनक व अश्लील शीर्षक के साथ पोस्ट डाला था. जिसका शीर्षक था “देश में सिर्फ यहां शादी से पहले मनाया जाता है हनीमून, माता पिता देते हैं इसकी इजाजत”. शिकायत कर्ताओं के आवेदन में इसे आदिवासी समुदाय के लिए बेहद अपमानजनक बताया गया है. यह मामला किसी एक पेपर और वेबसाइट तक सीमित नहीं रहा बाद में यूट्यूब चैनल “Great Nation News ” ने भी इसको उठा लिया और उसने एक अलग शीर्षक “बस्तर का घोटुल: भारत में यहां शादी से पहले ही मनाई जाती है सुहागरात” के नाम से इसे प्रसारित कर दिया. जानकारी मिलते ही इससे अंचल के आदिवासी समुदाय के सामजिक नेता भड़क गए .
आवेदनकर्ताओं ने कहा कि यह अनुसूचित जनजाति समुदाय को बदनाम करने की साजिश है. इससे उनकी आस्था और परंपराओं को ठेस पहुंची है. उनका कहना है कि इससे समुदाय के लोगों को बहुत बड़ा मानसिक आघात लगा है. इसलिए उन्होंने पत्रिका समाचार समूह के वेब पेज व यूट्यूब चैनल “Great Nation News ” और उनके संचालकों व संपादकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है. पहले भी कई बार इस तरह आदिवासी समुदाय के इन परम्पराओं को कुत्सित मानसिकता रखने वालो द्वारा अपमानित करने की चेष्टा की गयी है किन्तु इस बार समुदाय ज्यादा आक्रोशित है.



