इनोवेटिव प्रयासों से आइसोलेशन वार्ड हेतु बेड्स की उपलब्धता की सुनिश्चित
भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र ने कोरोना वायरस से बचाव हेतु अनेक तैयारियों को अंजाम दिया है। इसके तहत अस्पताल में तत्काल आइसोलेशन वार्ड बनाए गए और इन वाड्र्स में समुचित बेड्स व अन्य आवश्यक सामग्रियाँ मुहैया कराई गई। निदेशक प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ एस के इस्सर के नेतृत्व व अन्य निदेशकों के मार्गदर्शन में अस्पताल को कोरोना की जंग से लडऩे के लिए तैयार किया गया।
आकस्मिक जरूरत को पूरा करने में अहम् भूमिका
इन तैयारियों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य मेडिकल स्टॉफ ने अपने-अपने स्तर पर सहयोग किया है। चिकित्सकीय बिरादरी के साथ-साथ आज अस्पताल का मेंटेनेंस गु्रप भी इनसे कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहा है। कोरोना के इस जंग में जीत हासिल करने के लिए अस्पताल के मेंटेनेंस ग्रुप में कार्यरत् सदस्यों ने भी अपना योगदान दिया है। आइसोलेशन वार्ड में तत्काल अतिरिक्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जेएलएन चिकित्सालय के महाप्रबंधक (अनुरक्षण एवं सेवाएँ) श्री एस एम शाहिद अहमद के सुपरविजन में अस्पताल के मेंटेनेंस गु्रप के वरिष्ठ तकनीशियन श्री द्वारिका प्रसाद मरकाम व इनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को हाथ में लिया।
चहुँओर लॉकडाउन के चलते नये बेड्स खरीदना संभव नहीं था और न ही पुराने वाड्र्स से बहुत अधिक बेड को आइसोलेशन वार्ड हेतु निकाला जा सकता था। अत: ऐसी परिस्थिति में श्री शाहिद अहमद एवं श्री मरकाम की टीम ने अस्पताल के पुराने अनुपयोगी हो चुके बेड्स को रिक्लेम करने का बीड़ा उठाया। इस टीम ने अपने इनोवेटिव प्रयासों से इन बेड्स को पुन: उपयोगी बना दिया। इस प्रकार अस्पताल के आकस्मिक जरूरत को पूरा करने में अपनी अहम् भूमिका अदा की।
आइसोलेशन वार्ड हेतु बेड्स को किया रिक्लेम
मरकाम व उनकी टीम ने अथक परिश्रम कर बेकार हो चुके 60 बेड्स को रिपेयर कर पुन: उपयोगी बना दिया। साथ ही इन बेड्स की पेंटिंग की गई और ये सभी नये बेड की तरह चकाचक दिखने लगे। इसके अतिरिक्त इस टीम ने 30 आईबी स्टैंड, 37 बेड साईड लॉकर्स, 16 फूड ट्रॉली, 4 अलमीरा, 2 कर्टन स्क्रीन स्टैंड एवं 1 व्हील चेयर को रिक्लेम करने में सफलता पाई। इस प्रकार अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना में इस टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
चुनौती को हमने अवसर में बदला
द्वारिका प्रसाद मरकाम कहते हैं कि आज कोरोना महामारी के इस संकट के समय हम जहाँ भी कार्यरत् हैं अपना योगदान देना चाहिए। यह भी एक देशसेवा है। आज प्रत्येक व्यक्ति इस संकटकाल में अपना योगदान दे रहा है। हमारी टीम को भी इस चुनौती को अवसर में बदलने का मौका मिला। हम सभी ने मिलकर आइसोलेशन हेतु जरूरी बेड्स का इंतजाम किया। यह हमारे लिए अत्यंत ही गौरव का विषय है कि हमारी टीम को भी वर्तमान महामारी से बचाव के इस महायज्ञ में छोटी सी आहूति देने का अवसर मिला।



