भगवती लाल सेन छत्तीसगढ़ी तथागत साहित्य सम्मान धमतरी के डुमनलाल ध्रुव को 11 मई को दिया जाएगा
रायपुर। दिल्ली की तथागत संस्था के द्वारा छत्तीसगढ़ी साहित्य के विकास और प्रोत्साहन के लिए प्रथम ‘भगवती लाल सेन छत्तीसगढ़ी तथागत साहित्य सम्मान 2025’ छत्तीसगढ़ी के सुपरिचित लेखक डुमनलाल ध्रुव धमतरी को उनकी रचना ‘मन के पाँखी ‘ के लिए प्रदान किया जायेगा। उन्हें यह सम्मान 11 मई को रायपुर में एक समारोह में प्रदान किया जाएगा।
दिल्ली स्थित तथागत ट्रस्ट द्वारा शैक्षणिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाता है। ट्रस्ट के संरक्षक पूर्व आई.ए.एस.एवं वर्तमान में भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर एन.पी. सिंह हैं। तथागत संस्था द्वारा इसी क्रम में छत्तीसगढ़ी साहित्य के विकास और प्रोत्साहन के लिए समादृत छत्तीसगढ़ी साहित्यकार स्व. भगवती लाल सेन के नाम पर यह सम्मान स्थापित किया गया है। पहली बार दिए जा रहे इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ के ही साहित्यकारों को शामिल करते हुए प्रो. पीयूष कुमार की अध्यक्षता में चयन समिति का गठन किया गया था। अध्यक्ष सहित समिति के सदस्यों डॉ. भुवाल सिंह ठाकुर, डॉ. भारती मंडावी,
डॉ. सियाराम साहू और खैरागढ़ के संकल्प यदु ने सम्मान के लिए आई प्रविष्टियों में से डुमनलाल ध्रुव की कृति ‘मन के पाँखी’ का चयन किया।
सम्मान समारोह 11 मई 2026 को दिन में 12 बजे सभागार, निवास, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा में आयोजित होगा जिसके मुख्य अतिथि विधानसभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। सम्मान समिति के संयोजक पीयूष कुमार ने इसे छत्तीसगढ़ी साहित्य के विकास और प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण क्षण कहा है। इस पुरस्कार के अंतर्गत तथागत संस्था द्वारा छत्तीसगढ़ी साहित्यकार डुमनलाल ध्रुव को 51 हजार नगद, अंगवस्त्रम् तथा स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।



