धमतरी। अक्षय तृतीया अक्ती का पर्व इस वर्ष 26 अपै्रल रविवार को मनाया जायेगा। यह पर्व सनातन धर्मियों का प्रमुख त्यौहार है। इस दिन भगवान विष्णु का छठवें अवतार भगवान परशुराम जी का अवतरण संध्या काल में हुआ था। हिन्दू मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया को वर्ष का सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिऐ मुहूर्त शुध्दि की जरूरत नहीं होती है। इसे देव लग्न माना गया है। लॉकडाउन के दौरान पडऩे वाले अक्षय तृतीया में कोई उत्साह नहीं दिख रहा है।
जिसकी वजह से कुम्हारों द्वारा बनाए गए गुड्डे गुडिय़ां भी नहीं बिक रहे हैं। स्थिति तो यह हो गई है कि कुम्हारों को लागत भी नहीं मिल पा रही है।कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगाए गए लॉकडाउन ने लोगों की कमर तोड़ दी है। आर्थिक मंदी की स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित इसमेंं छोटे फुटकर व्यापारी हो रहे हैं। इसमें कुम्हार भी शामिल हैं। रविवार 26 अपै्रल को अक्षय तृतीया का मुहूर्त है। जिसमें शुभ मुहूर्त देखकर लोग शादी ब्याह, गृह प्रवेश जैसे कार्य करते हैं। इसी दिन लोग घरों में गुड्डे गुडिय़ों का भी विवाह करते हैं। गुड्डे गुडिय़ां बाजारों में कुम्हारों के द्वारा बिक्री के लिए लाया गया है। लेकिन तपती धूप में बैठने के बावजूद गुड्डे गुडिय़ां नहीं बिक रही है। कुम्हार ने बताया कि 30 रूपए जोड़ी में बिक रहा है। लॉकडाउन के चलते मुश्किल से 3-4 जोड़ी ही बिक पाता है। इससे लागत भी नहीं निकल पा रही है।



