रायपुर। न सिर्फ राजधानी रायपुर बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों के व्यापारी भी कन्फ्यूज़ हैं कि आखिर किसकी गाइड लाइन मानें, केन्द्र सरकार की या फिर राज्य सरकार की। इसलिए कि शुक्रवार की रात 12 बजे के बाद केन्द्र सरकार का नया और बड़ा आदेश निकला कि शर्तों के साथ सभी दुकानें खोली जा सकती हैं।
रायपुर के कई हार्डवेयर, बिजली फिटिंग , लोहा दुकानदारों ने भी फोन करके दुकान खोलने या न खोलने संबंधी जानकारी के लिये किस पर भरोसा किया जाय पूछा। दरअसल हर मामले में केंद्र के आदेशों का व्यवहारिकता से लेना देना कम ही रहा है, इलेक्ट्रिशियन , निर्माण मजदूरों और प्लम्बरो को काम करने से छूट दी गयी लेकिन संबंधित दुकानों को खोलने के आदेश नही थे, बिना सामान के आखिर काम होगा कैसे ये सवाल चुटकुला बन के सोशल मीडिया में तैरता रहा।
उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार की ओर से पहले से ही 3 मई तक लॉकडाउन की घोषणा है। जो राज्य सर्वाधिक कोरोना प्रभावित हैं उन्हें छोड़कर शेष राज्यों में रियायत देने का सिलसिला शुरु हो चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। रायपुर जिले में बड़ी रियायत वाली गाइड लाइन 22 अप्रैल को जारी कर कुछ शर्तों के साथ बहुत से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खोलने की छूट दे दी गई। केन्द्रीय गृह मंत्रालय़ से कल देर रात सभी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने का जो नया आदेश निकला उससे व्यापारी व उपभोक्ता दोनों वर्ग में काफी कन्फ्यूजन पैदा हो गया है। केन्द्र शासन के आदेश के बाद भी रायपुर के अधिकतर दुकानदार जो जिला प्रशासन की गाइड लाइन में नहीं आते अपनी दुकान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके हैं। शहर में हेयर कटिंग सेलून चलाने वाले कुछ हेयर स्पेस्लिस्ट आज अपनी दुकान के इर्द-गिर्द घुमते दिखे, लेकिन शटर उठाने की हिम्मत नहीं कर पाए। उनका कहना था कि पेपर में तो पढ़ने मिला है कि सभी दुकानों को खोलने की परमिशन है लेकिन यहां की सरकार कुछ तय करे उसके बाद ही हम हौसला जुटा पाएंगे। इसी तरह फोटो कॉपी शाप चलाने वाले एक दुकानदार ने कहा कि खोलने को तो दुकान खोल लें लेकिन पुलिस कार्रवाई हो गई तो दुबले को दो आषाढ़ वाली स्थिति हो जाएगी, अतः जब तक छत्तीसगढ़ सरकार का कोई फैसला सामने नहीं आता मैं जोखिम नहीं उठा सकता। कुछ रेस्टॉरेन्ट मालिकों से भी बात हुई। इनका कहना है कि यह सही है कि दूध से बनी मिठाई बेचने की अनुमति प्रशासन से मिली हुई है, लेकिन दुकान का शटर नीचे करने का समय दोपहर 2 बजे है। ऐसे में कुछ घंटों में मिठाई का कौन सा बिजनेस हो जाएगा। जिन्होंने दुकाने खोल ली थी ऐसे ज्वेलरी , कपड़े और फैंसी दुकान वालो को पुलिस की अपील के बाद दुकाने बंद करनी पड़ी।



