कोरबा। मलेरिया के मर्ज से मुक्त करनेवाली दवा क्लोरोच्नि इन दिनों हॉट-स्पॉट कटघोरा के लिए संजीवनी बन गई है। नगर के दो वार्ड हाई रिस्क में रखे गए हैं, लेकिन कोर एरिया के बाहर रह रहे लोगों को भी महामारी से बचाए रखने की जुगत करते हुए मलेरिया की दवा खिलाई जा रही है। नगर के 15 वार्ड में रहने वाले 15 हजार नगरवासियों को क्लोरोच्नि खिलाई जा रही है। संवेदनशील क्षेत्र में शामिल मानते हुए एहतियातन स्वस्थ लोगों को भी तीन सप्ताह का वही कोर्स कराया जा रहाए जो डोज किसी मलेरिया के मरीज को दिया जाता है।
छत्तीसगढ़ में हॉट.स्पॉट बनकर उभरे कटघोरा में कोविड.19 के कोर एरिया में अब भी कंप्लीट लॉकडाउन है। वैसे तो यहां के दो वार्ड हाई रिस्क में हैए लेकिन इस दायरे से बाहर के इलाके को भी संवेदनशील मानते हुए महामारी के कदम रोकने स्वास्थ्य विभाग ने एक तरीका अपनाया है। नगर में निवासरत करीब 15 हजार लोगों मलेरिया के मर्ज में प्रयोग होने वाली दवा क्लोरोच्नि खिलाई जा रही। 15 कुल में शेष 13 वार्डों में रह रहे कटघोरा के स्वस्थ लोगों की तरफ भी कहीं कोरोना का वायरस न बढ़ सके और वहां के लोग महामारी की चपेट में न आ जाएंए यही सोच रखते हुए एहतियातन तीन सप्ताह का कोर्स कराया जा रहा।
नगर पालिका कटघोरा में कोरोना संक्रमित चार अप्रैल को पहला केस सामने आया था। महज 16 साल के एक किशोर जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थीए जिसके बाद यहां से लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या ब?ती गई। प्रदेश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज देने पर हॉट.स्पॉट में तब्दील हुए कटघोरा से एक.एक कर 27 कोरोना संक्रमित चिन्हांकित हुएए जबकि कोरबा शहर का एक समेत जिले में कुल 28 केस सामने आए। तब की स्थिति को देखते हुए शासन.प्रशासन के लिए प्रदेश में चिंता का सबसे ब?ा केंद्र बने कटघोरा में कंप्लीट लॉकडाउन घोषित किया गया।



