छ ग के सांस्कृतिक संगठनों और बुद्धिजीवियों द्वारा रिपोर्ट की निंदा
रायपुर। ख्याति प्राप्त हस्तियों द्वारा आए दिन विभिन्न मुद्दों पर विशेषकर राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी की जाती है, किंतु टिप्पणीकार प्रसिद्ध लेखिका एवं बुकर पुरस्कार विजेता अरूंधति राय हो तो ये स्वभावीक हैै , है। प्रउधानमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति पर की गई टिप्पणी के चलते अरूंधति राय इन दिनों कानूनी शिकंजे में फंस गईं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी के कारण राजधानी सहित भिलाई, बेमेतरा, बिलासपुर के थानों में 15 से अधिक भाजपा से जुुुडे लोगों ने सिविल सोसायटी केे नाम से उनपर प्रधानमंत्री पर गलत टिप्पणी का आरोप लगाते हुए विधिवत मामला दर्ज कराया है।
छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी की लीगल टीम ने अधिवक्ता भूपेंद्र जैन के नेतृत्व में अरुंधति राय के खिलाफ थानों में शिकायत की गई है। शिकायत में कहा गया है कि जर्मन मीडिया संस्थान डीडब्ल्यू न्यूज को इंटरव्यू देते हुए अरुंधति राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भारत सरकार पर निंदनीय टिप्पणियां की गईं। सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने जारी प्रेस नोट में बताया कि रायपुर के पांच, दुर्ग के तीन, भिलाई के पांच, बिलासपुर और बेमेतरा के एक-एक पुलिस थाने में शिकायत की गई है। इनके अलावा करीब छह थानों में आवेदन लंबित हैं। उनकी पावती अभी नहीं मिल पाई है। इस मामले को दक्षिण पंथी ताकतों द्वारा अर्णव गोस्वामी पर हुई कार्यवाही की तर्ज पर राज्य की विपक्षी दल द्वारा की गई कार्रवाही बताते हुए विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों द्वारा निंदा की गई है।



