भिलाईनगर। कलेक्टर दुर्ग के निर्देश को अमल में लाते हुए भिलाई-चरोदा नगर निगम ने आज से सिरसा गेट चौक पर प्रवासी मजदूरों के लिए सहायता केन्द्र शुरू कर दिया है। पहले ही दिन नागपुर से पैदल चलकर जा रहे 28 मजदूरों को चाय नास्ता कराने के बाद निगम अधिकारियों ने बस की व्यवस्था कर बलौदा बाजार रवाना किया। 17 मई तक इस सहायता केन्द्र के माध्यम से प्रवासी मजदूरों पर नजर रखते हुए उनकी सहायता निगम द्वारा की जाएगी।
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने देश भर में लॉकडाउन घोषित किए जाने के बाद प्रवासी मजदूरों की घर वापसी जारी है। अनेक मजदूर पैदल ही हजारों किमी का सफर कर अपने गांव और शहर को लौटने मजबूर है। भिलाई-दुर्ग से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग में मजदूरों की सहपरिवार पदयात्रा करते हुए वापसी की तस्वीर अखबारों की सुर्खियों पर बनी हुई है।
अब शासन प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंँचाने का इंतजाम कर लिया है। इसी कड़ी में आज से भिलाई-3 के सिरसा गेट चौक पर प्रवासी मजदूर सहायता केन्द्र की शुरुवात की गई। इस केन्द्र का संचालन नगर निगम भिलाई-चरोदा की टीम कर रही है। कलेक्टर-दुर्ग अंकित आनंद के आदेश पर शुरू की गई इस सहायता केन्द्र का नोडल अधिकारी निगम के सहायक अभियंता विमल शर्मा को बनाया गया है। निगम आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर ने आज सहायता केन्द्र शुरू होते ही अधीनस्थों को शासन की गाइड लाइन के अनुसार फोरलेन से होकर गंतव्य की ओर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों की सहाता करने का निर्देश दिया। सहायता केन्द्र में निगम सचिव अश्वनी चंद्राकर सहित सुरेश नासरे, शत्रुहन सिन्हा, तोरण चद्राकर, पंकज तिवारी आदि अधिकारी-कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
आज सुबह सहायता केन्द्र शुरू करने निगम द्वारा सिरसा गेट चौक पर पंडाल की व्यवस्था की जा रही थी। तभी सुबह 8 बजे से आसपास मजदूरों का एक समूह दुर्ग की दिशा से रायपुर की ओर पैदल गुजरता नजर आया। निगम कर्मचारियों के पूछने पर मजदूरों ने बताया कि वे नागपुर से बलौदा बाजार जाने पैदल निकले हैं। निगम कर्मियों ने सभी 28 मजदूरों को वहीं पर रोक दिया और उनके लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था कराई। इसके पश्चात जिला प्रशासन से पहल पर मिनी बस मंगाया गया। उसी बस में सभी मजदूरों को बलौदा बाजार रवाना किया गया। नोडल अधिकारी विमल शर्मा बताया कि यह सहायता केन्द्र 17 मई तक खुले रखे जाने का निर्देश जिला प्रशासन से मिला है। इस दौरान प्रवासी मजदूरों को यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
बस बुलाने की बात पर नम हुई आँखें
नागपुर से पदयात्रा कर बलौदा बाजार जा रहे मजदूरों के समूह में छह बच्चेे भी थे। इन बच्चों में दो बच्चे तो मां की गोद में ही सफर कर रहे थे। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने जब इन मजदूरों को रोका तो वे घबरा गए। लेकिन जब पूछताछ के बाद गंतव्य तक भेजने बस की व्यवस्था करने की बात चली तो मजदूरों की आँखे खुशी से नम हो गई। निगम की टीम ने जब चाय नास्ता कराने के बाद मजदूर और बच्चों को बस में सवार किया तो उनकी जुबां जरूर बंद रही लेकिन नजरों की कातर भाव साफ बता रही थी कि वे लाखों की दुआ देकर जा रहे हैं।



