Home छत्तीसगढ़ 45 मजदूरों को कोई रखने के लिए राजी नहीं हुआ सरपंच 

45 मजदूरों को कोई रखने के लिए राजी नहीं हुआ सरपंच 

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बाहर खडे मजदूर
सक्ती। राजस्थान से पहुंचे 45 मजदूरों को कोई रखने के लिए राजी नहीं हुआ। पहले वे ग्राम किरारी पहुंच गए उसके बाद रात को उनके खाने की व्यवस्था हुई उसके बाद सोंठी पहुंचे। अधिकारियों को इसकी सूचना देकर व्यवस्था कराने की अपील की गई मगर कोई उचित व्यवस्था नहीु हुई। ग्राम सोंठी के सरपंच को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने फरमान दिया कि परसदाखुर्द के स्कूल में ले मजदूरों को ले जाये। जब वहां पहुंचे तो परसदाखुर्द के सरपंच ने भी हाथ खड़े कर दिये। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत सोंठी ने प्रशासनिक अधिकारियों की कोई उचित व्यवस्था न देख उसे अपने ग्राम सोंठी लेकर आया और गांव के स्कूल में रखने का निर्णय लिया।
गांव के सरपंच चंचला दीपक ने बताया कि लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से व्यवस्था करने की अपील की जा रही थी मगर उनकी ओर से कोई भी मदद नहीं मिली। मजदूरों के कई छोटे छोटे बच्चे जो सुबह से कुछ खाये नहीं थे उनसे उनका दर्द देखा नहीं गया और उन्होनें सोंठी के ही स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर बना दिया और उनके खाने की व्यवस्था की। सरपंच चंचला दीपक ने आगे बताया की इसकी सूचना जनपद पंचायत के अधिकारी को दे दी गई है। फिलहाल उनके खाने का इंतजाम भी कर दिया गया है।
सरपंच ने कहा कि प्रशासन का कोई उचित सहयोग नहीं मिलने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। मजदूरों को उन्होनें भटकाव से बचाकर गांव में ही रखने का फैसला किया। इन दिनों क्वारंेटाइन सेंटरों में मजदूरों को रखने के लिए जगह नहीं है। प्रशासन की माने तो आने वाले मजदूरों को होम क्वारंटाइन ही करना पड़ रहा है। नायब तहसीलदार शिव कुमार डनसेना के अनुसार अभी फिलहाल क्वारंटाइन सेंटर नहीं बचे हैं जिस कारण मजदूरों को होम क्वारंेटाइन करना पड़ रहा है।

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