जगदलपुर। जिला महारानी अस्पताल के चुनावी मुद्दा का लाभ कांग्रेस को मिला था। सरकार बनते ही कांग्रेस ने भी तत्काल महारानी अस्पताल के नवीनीकरण का कार्य 07 करोड रुपए की लागत से हाल ही में इसे पूरा किया गया है। जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा करवाकर वाह-वही लेने में कांग्रेस ने कोई कोर-कसर नही छोड़ी थी। लेकिन अस्पताल भवन मानसून के पहली हल्की बारिश भी नहीं झेल सका, अब अस्पताल भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप विपक्ष लगा रही है।
सोसल मीडिय़ा में महारानी अस्पताल के पहली बरसात में रिसाव का विडियो वायरल होने के बाद बवाल मचना लाजमी है। मानसून की पहली बारिश में ही अस्पताल के पैथोलॉजी लैब से पानी का रिसाव हो रहा है। लैब की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि करोड़ों रुपए खर्च करके निर्माण कार्य में गुणवत्ता का कितना ध्यान रखा गया है। अस्पताल के अन्य कमरों की छत से भी पानी का रिसाव होने से 07 करोड रुपए की लागत से किए गए इस नवनीकरण के नाम पर मानसून की पहली ही बारिश ने गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी है। महारानी अस्पताल के नवीनीकरण पर विपक्ष ने गुणवत्ता विहीन कार्य पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए हैं।
भाजपा निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे का कहना है कि बेहतर स्वास्थ सुविधा देने के नाम पर राज्य सरकार ने बस्तर की जनता से छलावा किया है। 07 करोड रुपए की लागत से नवीनीकरण के नाम पर सिर्फ ढांचा खड़ा कर दिया है। पहली बारिश में इस घटिया निर्माण कार्य की पोल खुलती दिखाई दे रही है। उन्होने कहा कि इस गुणवत्ता विहीन कार्य की जांच और कार्रवाई की मांग किया है।



