विपक्ष ने उठाये सवाल – कई जवाब हुए दफ़न
भोपाल | कानपुर मुठभेड़ के मुख्य अभियुक्त विकास दुबे के मारे जाने पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने जो-जो दावे किये हैं, उन पर कई राजनेताओं ने सवाल खड़े किये हैं और यूपी पुलिस द्वारा बतायी गई कथित मुठभेड़ पर संदेह ज़ाहिर किया है | मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल पूछा है कि विकास दुबे का मध्य प्रदेश से क्या कनेक्शन था, जहाँ गुरुवार को पुलिस ने छह दिनों के अभियान के बाद दुबे को अपनी गिरफ़्त में लिया | दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ”यह पता लगाना आवश्यक है कि विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था?”
यह पता लगाना आवश्यक है विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था?
— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) July 10, 2020
जस्टिस मार्केंडय काटजू ने लिखा, ”इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस एएन मुल्ला ने एक फ़ैसले में कहा था- मैं पूरी ज़िम्मेदारी से ये बात कहना चाहता हूं कि पूरे देश में एक भी ऐसा आपराधिक गैंग नहीं है, जिसके अपराध क्रिमिनल्स के संगठित रूप जिसे हम इंडियन पुलिस फ़ोर्स के नाम से जानते हैं, उनके क़रीब भी नज़र आएं.”
https://twitter.com/mkatju/status/1281430500100337664
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विकास दुबे की मौत पर एक ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, “दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है| ”
दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 10, 2020
कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है, ‘अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?’
अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 10, 2020



