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महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव के प्रयासों से 10 करोड़ की लागत से बनेगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जोन 4 क्षेत्र में 10 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इस प्लांट की खासियत यह होगी कि वर्तमान में खुर्सीपार में बने हुए बीएसपी क्षेत्र के जोन 1, जोन 2 एवं जोन 3 जो कि वार्ड 36 तथा 37 एवं आसपास के वार्ड को सम्मिलित किया हुआ है इन एरिया के मल जल, गंदा पानी, बरसाती पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध करने का कार्य किया जाएगा। वर्तमान में खुर्सीपार अंतर्गत बीएसपी क्षेत्र के जोन 1, 2, 3 में निर्मित बीएसपी क्वार्टर से निकला हुआ गंदा पानी तेलहा नाला में बहाया जा रहा है। जिससे नाले का पानी प्रदूषित हो रहा है। बता दें कि, सीवेज सिस्टम पूर्व से बीएसपी के समय का बिछा हुआ है, परंतु प्रबंधन द्वारा उपचारित नहीं किया जा रहा है। प्रदूषण से बचाने के लिए तेलहा नाला के दोनों तरफ निगम द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा।

चार करोड़ 16 लाख की लागत से स्थापित होगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहायक अभियंता अखिलेश चंद्राकर ने जानकारी देते हुए बताया कि, दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। खुर्सीपार अंतर्गत आने वाले बीएसपी के जोन 1 में 1-1 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा जोन 2 एवं 3 के क्षेत्र को कवर करते हुए तीन एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा, इन दोनों एमएलडी को बनाने की लागत तकरीबन चार करोड़ 16 लाख की होगी। इसके अतिरिक्त पंप, स्टोरेज कलेक्शन एवं पाइप का विस्तारीकरण भी किया जाएगा।

तेलहा नाला को प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन जाने से खुर्सीपार क्षेत्र के बीएसपी क्वार्टर एवं एवं समीप का बरसाती पानी, मलजल एवं गंदा पानी को तेलहा नाला में बहाने के बजाय इससे ट्रीटमेंट कर शुद्ध किया जाएगा उसके उपरांत ही नाला में बहाया जाएगा। एनजीटी के भी निर्देश के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बेहद आवश्यक हो गया है।
ट्रीटमेंट उपरांत सिंचाई में किया जा सकता है उपयोग सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित करने के पश्चात शुद्ध पानी का उपयोग पौधों एवं उद्यानों की सिंचाई में किया जा सकता है खासकर ग्रीष्म ऋतु में पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए इस उपचारित जल का उपयोग अब विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है इससे आवश्यकता अनुसार स्टोर करके भी रखा जा सकता है। औद्योगिक क्षेत्रों में भी पानी की अधिक माँंग होती है इन उद्योगों को राशि निर्धारित कर पानी उपयोग के लिए दिया जा सकता है।

5 साल तक एजेंसी करेगी देखरेख कार्यपालन अभियंता संजय बागड़े ने बताया कि, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के बेहतर संचालन के लिए निर्माण करने वाली एजेंसी को 5 साल तक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का रखरखाव, देखरेख करना होगा।
पूरे भिलाई निगम क्षेत्र के मल जल को किया जा सकता है उपचारित उल्लेखनीय है कि, निगम क्षेत्र में सक्शन पंप के माध्यम से घरों एवं विभिन्न शौचालय इत्यादि के मल एवं गंदगी को निकाला जाता है। इस गंदगी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाकर इसे उपचारित किया जा सकता है, इस तरह से पूरे निगम क्षेत्र से निकले हुए मल, गंदगी इत्यादि को उपचारित करने के लिए सीवेज प्लांट बेहद कारगर साबित होगा। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के प्रयासों से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 10 करोड़ की राशि की स्वीकृति है। अब इसके जल्द निर्माण के लिए कयावद जारी हो चुकी है।

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