कोरबा। कांता प्रसाद राठिया पिता स्व0 नकुल सिंह राठिया उम्र 30 साल साकिन सकलुकला नेगीपारा थाना करतला जिला कोरबा थाना में सूचना दर्ज कराया था कि इसका भाई मंगल राम उर्फ मंगद राठिया उम्र 20 साल दिनांक 25 जुलाई 2020 को अपने दोस्त के घर ग्राम नोनबिर्रा जन्मदिन पार्टी में गया था, जो रात्रि में नहीं आया था। दिनांक 26 जुलाई 2020 को सुबह ग्राम नोनबिर्रा के श्रवण कुमार प्रजापति के माध्यम से पता चला कि प्रार्थी का छोटा भाई मंगतराम राठिया का मोटर साइकिल कल्मीटिकरा में पड़ा है एवं पास में बने मकान के अंदर घुसकर देखा तब मंगतराम राठिया का शव पड़ा था जिसके गले मे रस्सी से कसने जैसा काला निशान दिख रहा था।
तब घटना की जानकारी आस पास के लोगो को देना बताया। जिस पर मर्ग कमांक 25/20 धारा 174 जाण्फौ कायम किया जाकर शव का पीएम कराया गया तथा संदेहास्पद होने से शार्ट पी एम रिपोर्ट प्राप्त किया गया जिसमें मृतक के गला को रस्सी से कसने के कारण दम घुटने से हत्या करना पाये जाने से अज्ञात आरोपी के विरूद्ध मर्ग जांच पर से अपराध कमांक 146/20 धारा 302, 201 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक कोरबा अभिषेक मीणा के दिशा निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा राहुलदेव शर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी करतला निरीक्षक के. एन. तिवारी थाना प्रभारी उरगा निरीक्षक लखनलाल पटेल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारियों की टीम गठित किया जाकर जांच को गति देते हुए प्रकरण के संदेही विधि से संघर्षरत बालिका, मृतक मंगतराम की प्रेमिका है जो अकसर मृतक से मिलाना जुलाना करती थी। उसे संदेह के आधार पर पूछताछ किया गया जो पुलिस को गुमराह करती रही औरअपना अपराध छुपाती रही पंरतु विवेचना के दौरान कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए कॉल डिटेल गवाहो के कथन एवं परिस्थिति जन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर महिला पुलिस स्टॉफ के माध्यम से हिकमतअमली से पूछताछ करने पर विधि से संघर्षरत बालिका ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसका प्रेम संबंध विगत 04 वर्षों से मंगतराम से था।
घटना दिनांक 25 जुलाई 20 की रात्रि लगभग 10.30 बजे मंगतराम राठिया उर्फ मंगत ने मोबाईल से फोन कर बताया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है जिसके कारण दवाई लेकर अपने पास गली में बुलाया। पहुंचने पर मंगतराम इसे मोटर साइकिल में बैठाकर श्रवण प्रजापति के बाड़ी खेत कलमीटिकरा सोल्टप्लेट के पास ले गया और पास बने झोपड़ी में अपने घांव में मलहम लगवाया। फिर यह जाने लगी तो मृतक अपनी प्रेमिका को अन्य लड़को से क्यों बात करती हो कहकर झगड़ा करने लगा। झगड़े के पश्चात् वही सो गया। प्रेमिका विधि से संघर्षरत बालिका जो झगड़े के कारण पहले से ही गुस्से में थी, उसने मृतक मंगतराम का गला दबा दिया।
मृतक मधुर मुन्नका के नशे में होने के कारण विरोध नहीं कर पाया। विधि से संघर्षरत बालिका ने पूरी तरह से आश्वस्त होने के लिए पुन: पास में पड़ी गाय के गले में बांधने वाली रस्सी से गले को जोर से दबाकर मंगतराम की हत्या कर दी। घटना के समय मृतक के मोबाईल एवं घटना में प्रयुक्त रस्सी को अपने घर के कमरा में छिपा दी जिसे बालिका की निशानेदही पर जप्त किया गया। प्रकरण में विधि से संघर्षरत बालिका के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपराध धारा 302, 201 भादवि का घटित करना पाये जाने से विधिवत अग्रिम कार्यवाही करते हुए न्यायालय पेश किया गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में थाना प्रभारी करतला निरीक्षक के. एन. तिवारी, थाना प्रभारी उरगा निरीक्षक लखनलाल पटेल, उनि करमूसाय पैकरा, उनि अनिल बड़ा, सउनि अशोक खाण्डेकर, प्र.आरक्षक विल्फेड मसीह, आरक्षक सुरेन्द्र कुर्रे, आरक्षक धनश्याम, दिनेश बंधे, म. आरक्षक अनुराधा कंवर, दुर्गा राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।



