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एक सितंबर से नामांतरण और खाता विभाजन के मामले ऑनलाइन ही मान्य होंगे, तहसीलदार सीधे करेंगे कार्रवाई

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बिलासपुर:- राज्य सरकार राजस्व मामलों में पेचीदगी और अधिक लगने वाले समय की वजह से प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर रही है। इससे नामांतरण, खाता विभाजन और रिकार्ड दुरुस्ती के मामले निपटाने में अब अधिक समय नहीं लगेगा।

शासन ने इन सभी मामलों को 16 जुलाई से ऑनलाइन कर दिया है लेकिन फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। मैनुअल काम को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। जितने भी लंबित मामले हैं उन सभी को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है। निर्देश में यह भी कहा गया है कि 31 अगस्त के बाद ऑफलाइन सभी दर्ज किए जाने मामले अमान्य माने जाएंगे।

ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी तरह 1 सितंबर से लागू करने की बात कही जा रही है। इस मामले में तहसीलदार तुलाराम भारद्वाज के मुताबिक इस सुविधा से मैनुअल काम पूरी तरह खत्म हो जाएगा और मामले जल्द निपटेंगे।

ऑनलाइन में तीन तरह के लिए जाएंगे आवेदन

ऑनलाइन प्रकिया में तीन तरह के आवेदन लिए जाएंगे। इनमें पंजीयन कार्यालय से मिलने वाले आवेदन, नागरिकों की ओर से ऑनलाइन किए गए आवेदन और हित अर्जन करने वाले व्यक्ति से पटवारी को प्राप्त आवेदन शामिल हैं। आवेदन मिलने पर सीधे तहसीलदार आवेदनों पर कार्रवाई करेंगे।

लोगों को सुविधा मिले इसलिए सरकार ने अब तक किए उपाय

1. पेशी की तारीख एसएमएस के जरिए ताकि चक्कर न लगाना पड़े।
2. सिटीजन चार्टर के अनुसार तय समय में मामलों का निपटारा ताकि कम समय में लोगों को न्याय मिले।
3. रजिस्ट्री कार्यालय से सीधे तहसीलदार के पास नामांतरण मामले ट्रांसफर।
4. अब नामांतरण, खाता विभाजन और रिकार्ड दुरुस्ती ऑनलाइन निपटेंगे।

अभी रजिस्ट्री कार्यालय से नामांतरण के लिए थी सुविधा :

इससे पूर्व राज्य सरकार ने रजिस्ट्री होने के बाद सीधे तहसीलदार की आईडी में मामला ट्रांसफर कर सुविधा में बढ़ोतरी की थी। खाता विभाजन और रिकार्ड दुरुस्ती के लिए यह सुविधा नहीं थी जिससे कि इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।

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