- मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जाते समय रास्ते में पुलिस ने रोका, हुई जमकर झुमाझटकी
- कोरोना कॉल में बेरोजगारी से परेशान युवाओ ने कोरोना को लेकर जारी गाईड लाइन की उड़ाई धज्जियां, नहीं किया या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
रायपुर। कोरोना कॉल में बेरोजगारी से परेशान शिक्षकों के लिए चयनित सैकड़ों बेरोजगार युवाओ ने सोमवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एकजुट होकर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओ ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए रैली भी निकाली, जिसे पुलिस बल द्वारा बीच रास्ते में रोक दिया गया। इस दौरान युवाओ और पुलिस कर्मियों के बीच जमकर झूमाझटकी भी हुई। छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डी.एड. और बी.एड. संघ के सैकड़ों युवा आज राजधानी रायपुर के बुढ़ातालाब धरना स्थल पर एकत्र हुए।
इन सभी युवाओ का मार्च 2019 में छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की भर्ती के लिए हुई परीक्षा में चयनित हुए है, जिनकी नियुक्ति अभी तक नहीं हो पायी है। कोरोना काल में बेरोजगारी से परेशान इन सभी युवाओं की एक मांग है कि उनकी नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया जाए। अपनी इस मांग को लेकर युवाओं ने पूर्व में भी कई बार शासन से मांग कर चुके है लेकिन उनकी नियुक्ति संबंधी आदेश अब तक जारी नहीं किया गया है। इससे परेशान होकर चयनित युवाओ ने आज राजधानी में सैकड़ों की संख्या में एकत्र होकर शासन के खिलाफ पहले जमकर नारेबाजी की और फिर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए रैली निकाली।
हालांकि युवाओ के प्रदर्शन की जानकारी पहले से होने के कारण पुलिस बल द्वारा रैली को रोकने के लिए सप्रे स्कूल के पास पहले से इंतजाम कर रखा था। जैसे ही रैली सप्रे स्कूल के पास पहुंची पुलिस बल द्वारा उन्हें रोक दिया गया और आगे बढऩे नहीं दिया। इस दौरान युवाओ के साथ पुलिस कर्मियों के साथ जमकर झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी उनका आंदोलन अब नहीं थमेगा। उनकी मांग पूरी नहीं होने पर युवाओ ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की भी चेतावनी दी है। युवाओ के इस प्रदर्शन के दौरान कोरोना से बचाव व रोकथाम को लेकर जारी किए गए गाईड लाइन की धज्जियां भी उड़ते दिखी। प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग कोई पालन नहीं किया गया।



