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तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह चन्द्राकर कोरोना की जंग हारे, हुआ निधन

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रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ बनने के बाद तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के लिए अंतिम सांस तक लडऩे वाले जुझारू नेता स्व. नरेन्द्र सिंह चन्द्राकर का आज कोरोना वायरस से जंग के दौरान निधन हो गया।
ज्ञातव्य है कि वे शासकीय बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला के पूर्व सहायक शिक्षक व कर्मचारी नेता नरेन्द्र सिंह चंद्रकार का शुक्रवार की रात में शहर के निजी अस्पताल में निधन हो गया । कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होने पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके निधन पर प्रांतीय कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष विजय झा ने अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि हमने एक कर्मचारियों के हितैषी योद्धा को खो दिया। बताया जाता है कि नरेन्द्र सिंह चंद्राकर की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उन्हें इलाज के लियेे राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनकी हालत दिन ब दिन गिरते जा रही थी आखिरकार 11 सितंबर शुक्रवार की रात में उन्होंने अंतिम सांस ली।
नरेंद्र सिंह चंद्राकर विगत 1980 से कर्मचारी संगठन से जुड़े हुए थे और विभिन्न पदों में रहे, उनकी गिनती बुद्धिजीवियों में होती थी, पांच विषय में उन्होंने एमए किया था। गवर्नमेंट हाई स्कूल रायपुर में लंबे समय तक वे सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षकीय कार्य करते रहे। वर्तमान में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष. छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ कर्मचारी भवन बुढ़ापारा के संरक्षक के साथ संगठन से जुड़े कोटवार संघ, गौ सेवक संघ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ, मितानिन संघ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ, संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ सहित 36 संगठनों कर्मचारी संगठनों के संरक्षक थे। लंबे समय तक यह जिला शाखा रायपुर एवं छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ रायपुर के प्रांतीय अध्यक्ष रहे। प्रांतीय प्रवक्ता अखिल छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी के प्रवक्ता अनिल श्रीवास्तव,चंद्रशेखर तिवारी, कर्मचारी नेता विजय झा अजय तिवारी इदरीश खान आदि ने श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि नरेंद्र सिंह चंद्राकर का निधन छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए अपूरणीय क्षति है/ छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनाने हेतु चलाए गए आंदोलन में इनके द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई, छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों ने अपना मसीहा खो दिया।

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