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हाथरस के मुद्दे पर गर्म रहा रायपुर, व्यापक विरोध और गुस्से की अभिव्यक्ति , माकपा, युंका सहित दर्जनों सङ्गठनो ने जताया गुस्सा

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रायपुर, छत्तीसगढ़ युवा काँग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कोको पाढ़ी के नेतृत्व में सैकड़ो युवा रायपुर में कैंडल मार्च करने सड़क पर उतरे..

हाथरस में हुई घटना के विरोध में आज छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस अध्यक्ष कोको पाढ़ी के नेतृत्व में सैकड़ो युवा हाँथो में कैंडल लेकर मार्च करने निकले , हर कोई पीड़ित परिवार के लिए न्याय की माँग कर रहा था..प्रदेश अध्यक्ष ने कहा जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नही मिल जाता, हमारी लड़ाई योगी ओर मोदी के खिलाफ जारी रहेगी।

हाथरस की बच्ची से बलात्कार से पीड़िता को न्याय की मांग को लेकर माकपा, जनवादी महिला समिति व जनसंगठनों ने किया प्रदर्शन
योगी आदित्यनाथ से की इस्तीफे की मांग

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए बर्बर बलात्कार और हत्या के मामले में रायपुर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति, दलित अधिकार मंच, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) और अन्य जनसंगठनों ने मिलकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग करते हुए अम्बेडकर प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया ।
यहां प्रदर्शन को माकपा नेता धर्मराज महापात्र, प्रदीप गभने , जनवादी महिला समिति की राज्य समिति सदस्य गंगा साहू, एस एफ आई के राजेश अवस्थी, दलित मुक्ति मंच के रतन गोंडाने, प्रदीप मिश्रा, गोल्डी एम् जार्ज, दुर्गा झा, अधिवक्ता आर के जांगड़े सहित कई अन्य साथियों ने भी संबोधित किया । सभी वक्ताओं ने जोरदार तरीके से पितृसत्तात्मक मनुवादी सामंती विचारधारा के जड़ों को इस विकृत सोच के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए इस विचारधारा के अनुरूप अपरधियों को सरंक्षण देने वाले भाजपा के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को तत्काल सत्ता छोड़ने की मांग की । वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री एक और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते है दूसरी ओर दलित बेटी के नृशंस बलात्कार पर मौन है । उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार के राज में एक।बेटी से न केवल सामूहिक बलात्कार होता है, उसी जीभ कर दी जाती है, रीढ़ की हड्डियों को तोड़ दिया जाता है और पुलिस बलात्कार के प्रकरण तक दर करने से इंकार कर देती है, वह 13 दिन अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर दम तोड़ देती है उसके अंतिम संस्कार का अधिकार भी उसके परिवार को न देकर रात के अंधेरे में उसे जला दियाजाता है, ये कैसी बेटी बचाओ योजना है । वक्ताओं ने मनीषा को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान करते हुए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग की ।

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