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क्यों जरूरी है आज मलयाली फ़िल्म ” जन गण मन” देखना?

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मलयाली फ़िल्म  जन गण मन में उठाये गए हैं आज के सवाल , ऐसे सवाल जो समाज के हर वर्ग को एकदम करीब और गहराई से प्रभावित करते हैं।

पी सी रथ

क्यों जरूरी है आज जन गण मन फ़िल्म देखना,जो मूलतः मलयालम में बनी है किंतु 6 भाषाओं में संवाद के साथ नेटफ्लिक्स में 2 जून से उपलब्ध है। फ़िल्म में दिखाए गए दृश्यों में आज के राजनीतिक नेतृत्ववाले नेताओ की समानता भी दिख सकती है। युवा वर्ग के उहापोह, संघर्ष और ताकत का चित्रण के साथ साथ पुलिस प्रशासन पर पड़ रहे दबावों का उल्लेख भी फ़िल्म में सहजता से किया गया है।
मैंने कल 12 जून को ये फ़िल्म देखी और अंत तक देखता चला गया बिना किसी फ़ास्ट फारवर्ड के। यानी पूरी फिल्म में आप कोई पूर्वानुमान नही लगा सकते और न ही पूरी फिल्म देखे बिना कहानी समझ सकते हैं।

एक कॉलेज प्रोफ़ेसर की बेरहमी से हुई हत्या के बाद छात्र भड़के हुए हैं. एक पुलिस वाला इसकी जांच शुरू करता है और एक वकील अदालत में इंसाफ़ की लड़ाई लड़ता है. इस पूरे मामले की उतार चढ़ाव से गुजरने के बाद कोर्ट में मामला कुछ अलग ही रंग ले लेता है। लेकिन ठहरिए पूरा खुलासा अब भी नही हुआ है , इन दृश्यों के बाद जो असली कहानी आती है वो दरअसल देश के हालात का सच्चा बयान है कि किस तरह कुछ लोगों के फायदे के लिये हमारे देश में कथित मुख्य धारा का मीडिया जिसमें इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट दोनो शामिल हैं , सोशल मीडिया में एक बड़े समूह के साथ मिल कर लोगों की भावनाओं से खेल रहा है, कानून व्यवस्था, चिकित्सा, शिक्षा सारा समाज किस तरह उसकी चालों में फंस कर अपनी गलत राय बना लेता है और संवैधानिक मूल्यों और कानूनों को दरकिनार करके फैसले ले लिये जाते हैं, निश्चित रूप से यह फ़िल्म देखी जानी चाहिए। जय भीम जैसी अच्छी फ़िल्म से भी आगे के सवालों को, बल्कि आज के सवालों को उठाती हुई ये फ़िल्म बेहतरीन कास्टिंग के कारण भी महत्वपूर्ण है , जे एन यू, जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, बी एच यू, डॉ आंबेडकर यूनिवर्सिटी, हैदराबाद फर्जी मुठभेड़, रोहित वेमुला की आत्महत्या या सांस्थानिक हत्या के सवालों को उठाते हुए , हाथरस, निठारी कांड जैसे कितने ही मामलों का सच फ़िल्म देखते हुए आंखों के सामने तैरने लगता है।

फ़िल्म में मुख्य भूमिकाओं में – पृथ्वीराज सुकुमारन
सूरज वेंजारामूडु
पशुपति राज
जी.एम. सुंदर
ममता मोहनदास
श्री दिव्या
शैरी
प्रियंका नायर
वैष्णवी वेणुगोपाल
विन्सी अलोशियस इत्यादि हैं।

पी सी रथ

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