पत्रकारों ने संकल्प लिया, देश भर में एकजुटता बढ़ा कर केंद्र सरकार को पत्रकारों के हित में निर्णय लेने बाध्य करेंगे
पंचकूला। इंडियन जर्नलिस्टस यूनियन(आईजेयू) के नेशनल काउंसिल की बैठक 3 और 4 अगस्त को सेक्टर वन स्थित विश्राम गृह में हुई । इस बैठक में देश के 24 राज्यों के लगभग डेढ़ सौ प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान देशभर से आए पत्रकारों ने केंद्र सरकार द्वारा श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम 1955, श्रम न्यायालय को ख़त्म करने और पत्रकारो के लिए अब वेज बोर्ड का गठन नहीं करने पर चिंता व्यक्त की गयी । आईजेयू नेशनल काउंसिल की अगली बैठक नवंबर 2024 में देहरादून में आहुत की गई है।
पहले दिन के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने वर्तमान समय में सोशल मीडिया के चलते जो समाज में अविश्वास का माहौल है उस पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे रेकने कारगर पहल पर जोर दिया। श्री गुप्ता द्वारा चंडीगढ़ एंड हरियाणा जर्नलिस्टस यूनियन द्वारा सदस्य पत्रकारों के लिए कराये गए दस-दस लाख रूपए के बीमा पॉलिसी का वितरित किया गया।

पंचकुला ( हरियाणा ) में पीडब्लू डी रेस्ट हाउस में इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह बैठक 2 अगस्त से 4 अगस्त 2024 तक संपन्न हुई. बैठक में देश के 24 राज्यों से आये राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों, राज्य अध्यक्षॉ तथा महासचिवों ने भागीदारी की. उद्घाटन सत्र में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे, उन्होने देशभर से आये वरिष्ठ पत्रकारों का माँ मंशादेवी की धरती पंचकुला में स्वागत किया, उन्होने सदस्य पत्रकारों को 10 लाख की दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत 100 से अधिक बीमापालीसियों का वितरण किया. 3 बार के विधायक तथा चंडीगढ़ के महापौर रह चुके गुप्ता जी को पत्रकारों के हितों के अनेक निर्णय विधानसभा हरियाणा में लिए जाने के लिए श्रेय देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के श्रीनिवास रेड्डी ने धन्यवाद दिया.
यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव बलविंदर सिंह जम्मू ने देश भर में पत्रकारों पर पर बढ़ रहे हमलों का उल्लेख करते हुए 2023 की भारतीय दंड संहिता के कुछ नये प्रावधानों को पत्रकारों के लिए चिन्ताजनक बताया. तीसरे सत्र में आंध्र प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तराखंड, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पंजाब, हरियाणा, केरल, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश आदि विभिन्न राज्यों के राज्य सचिवों ने अपनी गतिविधियों तथा उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की. छत्तीसगढ़ के राज्य सचिव विरेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में पत्रकार प्रताड़ना के खिलाफ, मजिठिया वेज बोर्ड के लिए, पत्रकारिता बचाओ लोकतंत्र बचाओ, मणिपुर हिंसा के खिलाफ़, न्यूजक्लिक पर हमले के खिलाफ़ किये गए कार्यक्रमों के बारे में बताया.
चंडीगढ़ तथा हरियाणा जर्नलिस्ट यूनियन के पदाधिकारियों के वरिष्ठ पत्रकार रामसिंह बराड के नेतृत्व में प्रतिभागियों के लिए बेहतरीन व्यवस्था की थी.
दूसरे दिन प्रथम सत्र में विविध प्रस्ताव अनुमोदन के लिए पेश किये गए. हरियाणा के मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री जेटली, क़ृषि मंत्री कंवर पाल सिंह गूजर इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. दोपहर के सत्र में हरियाणा के वित्त मंत्री विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
दोपहर के सत्र में हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. उन्होने हरियाणा में सदस्य पत्रकारों के लिए यूनियन द्वारा निशुल्क 10 लाख की दुर्घटना बीमा योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पत्रकार ले सकें इसके लिए जागरूकता फैलाने की बात कही. तेलंगाना में भाजपा अध्यक्ष रहने के बाद केंद्रीय श्रम मंत्री के रूप में उन्हें मिले मीडिया के साथियों के सहयोग का उन्होने जिक्र किया. मुख्यमंत्री के जनसम्पर्क सलाहकार तरुण भंडारी ने भी इस सत्र को सम्बोधित किया.

छत्तीसगढ़ से शामिल हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पी सी रथ ने बताया कि अधिवेशन में केंद्र सरकार से वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट 1955 तथा वेतन बोर्ड के गठन प्रक्रिया को ख़त्म किये जाने की निंदा की गयी तथा पत्रकारों में इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल इंटरनेट मीडिया को शामिल करते हुए वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट को लागू करने की मांग की गयी. देश में अधिकार संपन्न मीडिया कौन्सिल के गठन की भी मांग की गयी. पत्रकारों की प्रताड़ना के खिलाफ़ सभी राज्यों तथा केंद्र में कड़े क़ानून की मांग की गयी. पत्रकारों के लिए पेंशन योजना में कम से कम 20 हजार सम्मान निधि देने तथा अधिमान्यता की शर्तो को 5 वर्ष तक रखने की मांग की गयी. पत्रकारों की समस्याओं पर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने तथा परिवर्तित वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली में देश भर के पत्रकारों का एक विशाल धरना प्रदर्शन आगामी महीनों में किये जाने पर भी अधिवेशन में सहमति बनी.



