नई दिल्ली 12 सितम्बर 2024.पांच दशकों तक वामपंथी राजनीति की धुरी रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दिग्गज नेता सीताराम येचुरी का निधन हो गया । उन्होंने 72 साल की उम्र में दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में आज अंतिम सांस ली । सीताराम येचुरी अपने पीछे पत्नी सीमा चिश्ती येचुरी और बेटी अखिला येचुरी को छोड़ गए हैं। उनके बेटे आशीष का 2021 में निधन हो गया था। सीताराम येचुरी
का जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई में एक तेलुगु भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। आपातकाल में जेएनयू में रहते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह लगातार तीन बार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 1984 में उनको सीपीआई एम की केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। 2015 में उनको पार्टी का महासचिव चुना गया। येचुरी 2005 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। 2016 में राज्यसभा में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने सदन में कई मुद़्दे उठाए। येचुरी विभिन्न मुद्दों पर राज्यसभा में अपने सशक्त और स्पष्ट भाषणों के लिए जाने जाते थे। वह बहुभाषी थे और हिंदी, अंग्रेजी ,तेलुगु, तमिल, बांग्ला तथा मलयालम पर उनका समान अधिकार था ।
वह हिंदू पौराणिक कथाओं के भी अच्छे जानकार थे और अक्सर अपने भाषणों में खासकर भारतीय जनता पार्टी पर हमला करने के लिए उन संदर्भों का इस्तेमाल करते थे। वह नरेन्द्र मोदी सरकार और इसकी नीतियों के सबसे मुखर आलोचकों में से एक रहे। 2024 के आम चुनाव के दौरान, जब एकजुट विपक्ष के लिए बातचीत शुरू हुई और विपक्षी दल एक साथ मिलकर ‘इंडिया’ गठबंधन बनाने लगे, तो माकपा इसका एक हिस्सा थी और येचुरी गठबंधन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे।
वरिष्ठ नेता और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्सर्वादी) के महासचिव सीताराम येचुरी का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने 72 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थे। उन्हें पिछले दिनों एम्स में भर्ती किया गया था।
उनके सांस की नली में इंफेक्शन के कारण ICU में थे भर्ती, लंग्स में इन्फेक्शन था, मल्टी ऑर्गन फेल्योर की वजह से डेथ हुई। बीते कई दिनों से दिल्ली AIIMS में चल रहा था इलाज।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) के महासचिव थे सीताराम येचुरी

72 वर्षीय माकपा नेता सीताराम येचुरी को पहले 19 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें आईसीयू में ले जाया गया था। तभी से उनका इलाज किया जा रहा है। गुरुवार को उनकी तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई थी।
सीताराम येचुरी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव और पार्टी के संसदीय समूह के नेता हैं। उनका जन्म 12 अगस्त 1952 को चेन्नई में एक तेलुगु भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह 2016 में राज्यसभा में सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। आपातकाल में जेएनयू में रहते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह लगातार तीन बार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष चुने गए। 1984 में उनको सीपीआई एम की केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। 2015 में उनको पार्टी का महासचिव चुना गया।
येचुरी 2005 में पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने सदन में कई मुद़्दे उठाए। पिछले कई दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। उन्होंने हाल ही में कोलकाता की घटना को लेकर बयान दिया था। साथ ही नए आपराधिक कानूनों को लेकर दायर याचिका में विपक्षी गठबंधन इंडिया का समर्थन किया था। वामपंथी नेताओं के तौर पर उनकी अलग पहचान थी। वह हमेशा वामपंथी विचारधारा को लेकर आवाज उठाते रहते थे।
येचुरी के परिवार ने उनकी बॉडी टीचिंग और रिसर्च के लिए एम्स को दान कर दी है.।
कॉमरेड सीताराम येचुरी को विनम्र श्रद्धांजलि का सिलसिला शाम से देश भर में चलता रहा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी कांग्रेस, अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न संगठनों, संस्थाओ ने श्रद्धांजलि दी.



