रायपुर, राज्य के दक्षिण पश्चिम जिले बीजापुर के गंगालूर इलाके में आज सुबह से जारी मुठभेड़ में अब तक 26 नक्सलियों के मारे जाने और एक पुलिसकर्मी के शहीद होने की सूचना मिली है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ सुबह से दोपहर तक जारी थी। गंगालूर इलाके के अंड्री के जंगलों में जवानों ने नक्सलियों के बड़े कैडर्स को घेरा है। दोनों तरफ से गोलीबारी हो रही थी।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह से अब तक मुठभेड़ में जवानों ने 26 नक्सलियों को ढेर कर दिया है वहीं एक जवान राजू ओयामी शहीद हो गए। जवानों ने मारे गए नक्सलियों में 22 के शवों को बरामद कर लिया है। मुठभेड़ स्थल से AK, SLR, इंसास, 303,315 बोर, 12 बोर, भरमार आदि हथियार भी भारी मात्रा में बरामद कर लिया गया है।
दूसरी ओर संभाग के जिले नारायणपुर दंतेवाड़ा बार्डर में ब्लास्ट
IED ब्लास्ट की चपेट में आया जवान
वहीं नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर स्थित थुलथुली इलाके में एक जवान IED ब्लास्ट की चपेट में आ गया। घायल जवान को मौके पर से बाहर निकाला जा रहा है। वहीं सर्च ऑपरेशन जारी है।
तीसरी घटना में कांकेर नारायणपुर जिलों के बार्डर में नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मारने का दावा पुलिस ने किया है।
बीजापुर इलाके में दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि, गंगालूर इलाके में बड़ी संख्या में नक्सली तथा उनके लीडर मौजूद हैँ। इसी के आधार पर इस इलाके में ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च किया गया। एक दिन पहले ही जवानों ने अंड्री इलाके को घेर लिया था। वहीं गुरूवार सुबह से ही मुठभेड़ जारी रही।
अब तक सूचना के मुताबिक नक्सलियों से दो जिलों में मुठभेड़ हुई, जिसमें बीजापुर जिले में मुठभेड़ में मरने वाले कुल 26 नक्सलियों के शव पुलिस ने हासिल किए और पुलिस का एक जवान शहीद हुआ, कुछ आंशिक घायल हुए। दूसरी ओर नारायणपुर कांकेर जिले के बार्डर में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सलियों के शव रिकवर किए गए तथा एक ASI तथा एक सिपाही आंशिक जख्मी हुए।
यानि आज कुल 30 नक्सलियों को मुठभेड़ में मारने का दावा पुलिस फोर्स ने किया है।
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा कर्मियों को इस सफलता पर बधाई दी हैं तथा शहीद सिपाही के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से उनके परिवार के साथ खड़ी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस सफलता को नक्सल उन्मूलन की ओर एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने आत्मसमर्पण की योजनाओं का लाभ न उठा पाने वाले नक्सलियों के लिए आने वाले दिनों में ऐसे ही सर्चिंग अभियान तेज किए जाने की घोषणा की। मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन की कार्य योजना के रास्ते में इसे महत्वपूर्ण सफलता बताया।



