विनोद कुमार शुक्ल जी को जनवादी लेखक संघ छत्तीसगढ़ एवं केंद्रीय पदाधिकारियों द्वारा श्रद्धांजलि!
रायपुर, प्रदेश के साहित्यिक परिदृश्य में पुराने मध्यप्रदेश के जमाने से अपनी कविताओं और उपन्यासों के माध्यम से सशक्त रचनाओं से पहचान बनाने वाले विनोद कुमार शुक्ल जी को छत्तीसगढ़ जलेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. परदेसी राम वर्मा, महासचिव पूर्णचंद्र रथ , कोषाध्यक्ष डॉ. सुखनंदन सिंह धुर्वे द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अपनी विशिष्ट काव्य भाषा, सरल बिंब और शब्दों से कौतुक करने वाली शैली के साथ साथ , सरल, सहज व्यक्ति के रूप में विनोद जी की पहचान रही। वे साहित्यिक बिरादरी के अलावा भी संस्कृति, पत्रकारिता तथा समाज में विभिन्न वर्गों के बीच सहज उपलब्ध तथा लोकप्रिय थे।
विनोद कुमार शुक्ल प्रगतिशील विचारधारा के होते हुए भी साहित्यिक खेमेबाजी से दूर रहे। वे अपने में मस्त और व्यस्त रहकर लिखते रहे, बावजूद इसके, उनके आलोचक कभी कभी उनके लेखन और पक्षधरता पर सवाल उठाते रहते थे। जबकि समग्र में उनका साहित्य लोक को समर्पित है।
दूसरी ओर जनवादी लेखक संघ की केंद्रीय समिति ने अपने श्रद्धांजलि वक्तव्य में कहा है –
प्रसिद्ध कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हिन्दी साहित्य की एक अपूरणीय क्षति है। अपने सहृदय और विरल गद्य लेखन और कविता में लोक की अभिव्यक्ति के लिए वे जाने जाते थे। पिछले कुछ समय से वे उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। छत्तीसगढ़ के रायपुर एम्स में उनका इलाज चल रहा था। वे 89 वर्ष के थे।

उनका पहला कविता संग्रह ‘लगभग जय हिन्द’ 1971 में प्रकाशित हुआ था। उसके बाद उनके कई कविता संग्रह प्रकाशित हुए। ‘जो मेरे घर कभी नहीं आएँगे’, ‘हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था’, ‘सब कुछ होना बचा रहेगा’, ‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह’ जैसी बहुत सी कविताएँ हैं जिन पर खूब चर्चाएँ हुई हैं। उनके कई कहानी संग्रह भी प्रकाशित हुए थे लेकिन उन्हें सर्वाधिक प्रसिद्धि पहले उपन्यास ‘नौकर की कमीज़’ से मिली। इस उपन्यास के बाद उन्हें कथात्मक लेखन के लिए अधिक मान्यता प्राप्त होने लगी थी। उनके अन्य उपन्यासों में से ‘खिलेगा तो देखेंगे’ और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ को भी पाठकों ने खूब पसंद किया। उनकी रचनाओं के कई भाषाओं में अनुवाद हुए हैं। उन्हें ज्ञानपीठ और साहित्य अकादमी सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए थे।
केंद्रीय कार्यकारिणी की ओर से नलिन रंजन सिंह (महासचिव) बजरंग बिहारी तिवारी (संयुक्त महासचिव)संदीप मील (संयुक्त महासचिव)प्रेम तिवारी (संयुक्त महासचिव) द्वारा जारी विज्ञप्ति में जनवादी लेखक संघ विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति को नमन करता है और उन्हें हृदय से आदरांजलि देता है।
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