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सीजीपीएससी चयन में धांधली पर ई डी की चार्जशीट पेश उम्मीदवारों से एक पद के लिए 65 लाख तक का सौदा, 3 करोड़ वसूली के आरोप 

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सीजीपीएससी चयन में धांधली पर ई डी की चार्जशीट  में 7 लोगों के नाम शामिल

रायपुर ,22 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग राज्य परीक्षा 2021 में चयन प्रक्रिया में धांधली तथा कथित परीक्षा घोटाले को लेकर लंबे समय से की जा रही जांच एवं गिरफ्तारियां के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी पहली चार्ज शीट दाखिल कर दी है, इसमें अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 3 करोड़ से अधिक की वसूली का आरोप लगाया गया है राज्य सेवा की एक-एक पोस्ट के लिए 65 लख रुपए तक का सौदा किया गया इस सौदे में अभ्यर्थियों को प्राथमिक परीक्षा के पहले प्रश्न पत्र मुहैया कराने से लेकर इंटरव्यू और अंतिम चयन सुनिश्चित करने की गारंटी दी गई थी चार्जशीट में जिन्हें आरोपी बनाया गया है उनमें तत्कालीन आयोग अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी (आई ए एस) समेत 7 लोगों के नाम है। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ओएसडी रहे चेतन बोरघड़िया, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर तुमगांव महासमुंद के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विकास चंद्राकर, अनिल चंद्राकर , उत्कर्ष चंद्राकर और एक निजी कंपनी के डायरेक्टर श्रवण गोयल शामिल है। एजेंसी की जांच का फोकस कथित भ्रष्टाचार से हासिल रकम के लेनदेन उसे छिपाने और आगे इस्तेमाल करने की चेन पर केंद्रित है । मामले की जांच में प्रश्न पत्र मुहैया कराने और उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी करने का तरीका भी सामने आया है । चार्जशीट के अनुसार कुछ अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा से पहले रिंग रोड क्रमांक एक , डीडी नगर, स्थित सिद्धिविनायक मैरिज पैलेस रायपुर में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया , इसके बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए बारनवापारा महासमुंद जिले के एक रिसॉर्ट में ठहरा कर एक महीने तक तैयारी कराई गई , इसी के एवज में महासमुंद जिले के उत्कर्ष चंद्राकर और डॉक्टर विकास चंद्रकर ने कई अभ्यर्थियों से नगद राशि ली तथा परीक्षा में चयन का भरोसा दिलाया। इसमें कुछ अभ्यर्थियों को रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। इस मामले में लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए केके चंद्रवंशी से रिश्तेदारी का हवाला देकर उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों का भरोसा जीता तथा उनसे रकम वसूली की।

दरअसल मामला क्या?

सीजीपीएससी 2020 तथा 2021 की चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और चयन में हेयर फिर से जुड़े इस मामले में विवाद तक बढ़ा जब तत्कालीन पीएसी अध्यक्ष रमन सिंह सोनवानी के भतीजे बहू भांजी समेत पांच रिश्तेदारों तथा तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव के बेटे सहित अधिकारियों प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों के चयन पर सवाल उठे । तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा चुनावों के ठीक पहले उठे इस मामले में उथले राजनैतिक बयान दिए तथा आरोपियों की जांच की घोषणा नहीं की, इससे युवाओं के आक्रोश बढ़ा।
टामन सिंह पर उनकी पत्नी के एनजीओ के जरिए पैसे लेने के आरोप भी लगे इस मामले में चर्चित कंपनी निजी के डायरेक्टर श्रवण गोयल का नाम सी एस आर के जरिए लाखों के लेनदेन में भी सामने आया । प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद जांच एजेंसियां सामने आईं। इस मामले में इससे पहले सीबीआई ने भी केस दर्ज करके चार्जशीट दाखिल की है।

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