नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन को मिली हार के बाद राजनीतिक दोस्ती अब टूटने की कगार पर है. सोमवार को मायावती ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि चुनाव में बसपा को यादव वोट ठीक से नहीं मिले लिहाजा वह गठबंधन पर पुन: समीक्षा करेंगी. मायावती ने तल्खी भरे अंदाज में कहा कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी तक को नहीं जितवा पाए. इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की दोस्ती टूट सकती है.
बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोमवार को लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद दिल्ली में अखिल भारतीय स्तर की बैठक बुलाई थी. इसमें पूरे देश से कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचे थे. यूपी से सभी बसपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठक के बाद मायावती ने कहा कि पार्टी सभी सीटों पर उपचुनाव लड़ेगी. हालांकि यह बात उन्होंने सांसदों और विधायकों के साथ की है. औपचारिक तौर पर इसका ऐलान होना अभी बाकी है.
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी में इस बात पर मंथन चल रहा है कि क्या बसपा से गठबंधन कर पार्टी को फायदा हुआ है या नुकसान. बता दें कि दोनों पार्टियों ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. इसमें जहां समाजवादी पार्टी को सिर्फ 5 सीटें मिलीं तो पिछले चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं करने वाली बसपा 10 सीटें ले गईं. इसकी आशंका मुलायम सिंह यादव ने पहले ही जता दी थी. इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के गढ़ कन्नौज, बदायूं और फिरोजबाद में मुलायम परिवार के सदस्य चुनाव हार गए.



