नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी की राहें अब अलग हो गई हैं. बसपा ने सपा से गठबंधन समाप्त करने की घोषणा करते हुए मंगलवार को कहा कि सपा के लोगों ने भितरघात किया है इसलिए बसपा आगामी विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही लड़ेगी.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की पूंजी यादव वोट बैंक था. लेकिन वो उसे साध नहीं पाए. इसकी कारण यादव बाहुल्य इलाकों में पार्टी की हार हुई. यहां तक की डिम्पल यादव, धर्मेंद्र यादव और रामगोपाल यादव जैसे स्टार को भी हार का मुंह देखना पड़ा. उन्होंने कहा कि सपा का वोट बैंक बसपा को नहीं मिला. जिसके कारण पार्टी की यह स्थिति हुई जो बहुत कुछ सोचने को मजबूर करता है. इसलिए पार्टी ने फैसला किया है कि वह अब आने वाले विधानसभा उपचुनाव में अकेले ही लड़ेंगी.
इसके बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सामने आए और उन्होंने भी कहा कि जब रास्ते अलग हो गई है तो वे भी अकेले ही चुनाव लड़ेंगे.



