नई दिल्ली। मोदी सरकार में गृह मंत्री की कुर्सी संभालते ही अमित शाह एक्शन मोड में हैं. वे लगातार कश्मीर को लेकर बैठक कर रहे हैं. खबरिया चैनलों के अनुसार केंद्र सरकार कश्मीर में परिसीमन करवा सकती है. बता दें कि आखिरी बार जम्मू एवं कश्मीर में 1995 में परिसीमन हुआ था.
दरअसल, जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में कई बार जम्मू इलाके के लोगों ने सवाल उठाया है कि उन्हें विधानसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. वहीं कश्मीर के लोगों का तर्क है कि गुर्जर, बक्करवाल, और गढ़ी समुदाय के लोगों को एससी/एसटी श्रेणी में डाल तो दिया लेकिन उन्हें विधानसभा में प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. तीन दिन पहले जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. एक खबरिया चैनल के अनुसार इस दौरान जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने कुछ जरूरी कागजात सौंपे थे. इसी के बाद यहां पर परिसीमन आयोग बनाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है.



