गांधीनगर। अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान वायु ने और गंभीर रूप धारण कर लिया है. बताया जाता है कि इसकी तीव्रता में इजाफा हो गया है. अब यह 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गुजरात के सौराष्ट्र तट के निकट कल दोपहर तक टकरा सकता है.
इसके कारण गुजरात के तटीय क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह बदल गया है. समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरंे उठ रही हैं. तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण लोग दहशत में हैं. गुजरात का प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर भी दोपहर को धूल की आंधी में घिर गया था. अहमदाबाद मौसम केंद्र के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि इसने अति गंभीर चक्रवाती तूफान का स्वरूप ले लिया है. यह द्वारका से वेरावल के बीच और इसके आसपास गुजरात तट से कल दोपहर तक टकराएगा. उस समय इसकी गति पूर्व के अनुमानित 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की तुलना में और अधिक 180 तक पहुंचने की संभावना है. इस बीच इसके मद्देनजर तटवर्ती जिलों में व्यापक एहतियाती उपाय किए गए हैं. तटवर्ती 11 जिलों में स्कूलों में आज और कल अवकाश की घोषणा कर दी गई है. तटवर्ती क्षेत्रों में सभी बस, रेल और विमान सेवाएं भी रद्द कर दी गई है. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. लगभग 408 तटवर्ती गांवों और निचले इलाकों से लोगों को स्थानांतरित करने का काम सुबह से ही शुरू कर दिया गया था. दोपहर तक करीब एक लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका था.


