Home छत्तीसगढ़ राजनांदगांव जिला सहकारी बैंक बोर्ड को भंग करने नोटिस जारी

राजनांदगांव जिला सहकारी बैंक बोर्ड को भंग करने नोटिस जारी

776
0

निलंबन के लिए भी नोटिस, कलेक्टर बनाए गए विनिर्दिष्ट प्राधिकारी

रायपुर(इंडिया न्यूज रूम) जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव में लंबे समय से चल रही आर्थिक अनियमिता के आरोप में सहकारिता विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए बैंक के बोर्ड को भंग करने तथा निलंबित करने के लिए विगत  बुधवार को नोटिस जारी किया है. इसके साथ ही बैंक के संपूर्ण कामकाज पर निगरानी व नियंत्रण के लिए राजनांदगांव जिला कलेक्टर को विनिर्दिष्ठ प्राधिकारी नियुक्त किया गया है. आरोप है कि बैंक की कारगुजारी से किसानों को राज्य सरकार की ऋण मुक्ति योजना का लाभ नहीं मिला. इसके अलावा बैंक की गलत कार्यशैली के कारण रिजर्व बैंक ने बैंक पर 85 लाख से अधिक रुपए का जुर्माना लगाया था. बैंक को सात बिंदु का आरोप पत्र जारी किया गया है.

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के संचालक मंडल तथा बोर्ड को पंजीयक सहकारी संस्थाएं के रजिस्ट्रार ने बुधवार को यह आदेश जारी किया है. इसके साथ ही बैंक के संचालन के लिए राजनांदगांव को जिला कलेक्टर को विनिर्दिष्ट किया गया है. यानी अब बैंक के संबंध में किसी भी प्रकार का निर्णय लेने का अधिकार कलेक्टर के हाथ होगा. बताया गया है कि बैंक के संचालन को लेकर कई तरह की अनियमितता, नियम विरुद्ध कार्रवाईयां करने के आरोप में एक विस्तृत आरोप पत्र भी जारी किया गया है। सात बिंदुओं पर आधारित आरोप पत्र में कई गंभीर बिंदु शामिल हैं. राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष पद पर सचिन बघेल कार्यरत थे, उनके समेत पूरे संचालक मंडल को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है.

रजिस्ट्रार द्वारा बैंक को अलग अलग शोकाज नोटिस जारी किए गए हैं.  एक नोटिस में कहा गया है कि आरोप पत्र में उल्लेखित तथ्य एवं अभिलेखो के आधार पर प्रथम दृष्टया यह समाधान हो गया है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव का संचालक मंडल,बोर्ड छत्तीसगढ़ सहकारी सोसाइटी अधिनियम के तहत अधिरोपित कर्तव्यों का  निर्वहन करने में  उपेक्षावान है और ऐसे कार्य करता रहा है. जो बैंक के सदस्यों के हितों के प्रतिकूल है। इसलिए बैंक के संचालक मंडल, बोर्ड को हटाया जाना प्रस्थापित करता हूं. नोटिस में पूछा गया है कि  बोर्ड के क्यों न हटाया जाए. नोटिस में कहा गया है कि बोर्ड या बोर्ड के सदस्य पदाधिकारी 29 जुलाई के पूर्‌ तक रजिस्ट्रार के समक्ष अपना अभ्यावेदन दे सकते हैं. 30 जुलाई को दोपहर 12 बजे रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रकरण की सुनवाई के दौरान उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। एक अन्य कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि बैंक अधिनियम के  बैंक को बोर्ड के हटाने का प्रस्ताव करते हुए बैंक अधिनियम के तहत प्रस्तावित आदेश के विरुद्ध कारण दर्शाने का युक्तियुक्त अवसर दिया गया है. इस कार्रवाई के लिए अग्रसर होते हुए बैंक के बोर्ड को बैंक और उसके सदस्यों के हितों के प्रतिकूल कोई कार्य करने से रोकने की दृष्टि से  मेरी यह राय है कि कार्यवाही की कालावधि के दौरान बोर्ड का निलंबन आवश्यक है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here