Home छत्तीसगढ़ क्यों माना जा रहा था कलेक्टर चौधरी का भाजपा प्रवेश होना तय...

क्यों माना जा रहा था कलेक्टर चौधरी का भाजपा प्रवेश होना तय ?

708
0
????????????????????????????????????

जनसंपर्क संचालक के पद पर मुख्यमंत्री के नजदीक रहते हुए सरकार की संतुलित और लोकप्रिय छवि बनाये रखने में सफल
रायपुर. लम्बे समय तक किसी कद्दावर मुख्यमंत्री का प्रिय अफसर बना रहना हँसी खेल नहीं है , ये काम दंतेवाडा कलेक्टर , जनसंपर्क संचालक , रायपुर कलेक्टर जैसे जिम्मेदारी के पदों पर अपनी प्रतिभा दिखा कर और निरंतर कुछ नया जनोन्मुखी , युवाओं के लिए उपयोगी कार्यक्रम करके ओमप्रकाश चौधरी ने बार बार स्वयं को साबित किया . सब कुछ करते हुए सामान्यतः उनके ऊपर भी कई तरह के आरोप लगे , किन्तु अपनी सफलता से उन्होंने हमेशा शोर मचा दिया.दंतेवाडा में लाइवलीहुड कालेज और निर्धारित समय से कम समय में विकास कार्यो , विशाल भवनों के निर्माण करके जीवंत शिक्षण संस्थाओं को दिखा कर उन्होंने अपनी लीडरशिप क्षमता का परिचय दिया था , जनसंपर्क संचालक के पद पर मुख्यमंत्री के नजदीक रहते हुए सरकार की संतुलित और लोकप्रिय छवि बनाये रखने में वे सफल भी हुए .
अब 15 साल के सरकार को चौथे टर्म के लिए एंटी इनकम्बेंसी फेक्टर से जूझने और पार्टी के अंदरूनी राजनीति से निपटने के लिए विश्वसनीय सहयोगी के रूप में निश्चित रूप से डाक्टर रमनसिंह की पसंद ओमप्रकाश चौधरी होना स्वाभाविक हैं, ओबीसी में अघरिया समाज से आने वाले चौधरी जातीय समीकरणों के लिहाज से भी मजबूत प्रत्याशी कांग्रेस के उमेश नंदकुमार पटेल के समक्ष हो सकते हैं.
बताया जाता है की रायपुर कलेक्टर रहे ओपी चौधरी छत्तीसगढ़ गठन के बाद पहले ऐसे आईएएस है, जिन्होंने हिन्दी माध्यम से आईएएस बनने में कामयाबी हासिल की। रायगढ़ के छोटे से गांव बायंग में रहने वाले चौधरी का आईएएस बनने का सफर संघर्षो से भरा रहा। 8 साल की उम्र में उनके पिताजी का साया सिर से उठ गया। मां चौथी तक पढ़ी थी। दादा-दादी किसानी पर निर्भर थे। घर, गांव या आस-पास ऐसा कोई माहौल नहीं था कि कोई उन्हें आईएएस बनने को प्रेरित करता , किन्तु अपनी लगन और मेहनत से वे बने .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here