जांच तक पीएचई के चीफ इंजीनियर को पदमुक्त करे सरकार
रायपुर:– सिटीजन फोरम ऑन ह्यूमन राइट्स नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव आरके सिंह ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पीएचई (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के चीफ इंजीनियर शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि श्रीवास्तव की भ्रष्ट सेवा आचरण की सक्षम एजेंसी से जांच करानी चािहए। जांच के बाद दोषी पाए जाने की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई की भी अपेक्षा उन्होंने की है।
अपनी शिकायत में उन्होंने सोनिया का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने लिखा है कि रायपुर में पदस्थ पीएचई के चीफ इंजीनियर शैलेंद्रनाथ से सीधे जुड़े आर्थिक भ्रष्टाचार के सभी मुद्दे काफी गंभीर प्रवृत्ति के हैं, जबकि देश के विभिनन राजयों में भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के आपराधिक कृत्यों पर सभी सरकारें अंकुश लगाने की बड़ी और कारगर कार्रवाई कर रही हैं। वहीं, आश्चर्य का विषय है कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में पदस्थ शैलेंद्रनाथ जैसे कई और भ्रष्ट व दागदार अधिकारियों के विरुद्ध लंबित न्यायालयीन प्रकरणों से हटकर बड़े और महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जा रहा है, जो किसी भी तरह से न्यायोचित व तर्कसंगत नहीं है।
सिंह ने लिखा है कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य में बड़े पैमाने पर चले भ्रष्टाचार से बुरी तरह पीड़ित होकर ही प्रदेश की जनता ने अभूतपूर्व तरीके से सत्ता परिवर्तित कर सत्ता की चाबी कांग्रेस के हाथों में साैंपी है। इस बात को दृष्टिगत रखकर ही पार्टी के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व ने कर्मयोगी एवं मुखर वक्ता भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपकर प्रदेश में एक साफ सुथरी, दबंग और जनसुलभ लोकप्रिय सरकार चलाने की महती जिम्मदारी सौंपी है।
वे आगे लिखते हैं कि राज्य सरकार की कार्यपद्धति और विकास के लिए अब तक उठाए गए कदमों से प्रदेश की आम जनता अभिभूत भी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल के दौरान भ्रष्ट एवं दागदार अधिकारी के रूप में चर्चित रहे ग्रामीण यांत्रिकी से के मुख्य अभियंता शैलेंद्र नाथ श्रीवास्त्स, जिनके विरुद्ध डॉ. रमन सिंह की सरकार ने कारोड़ों रुपए की बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने के आरोप में राज्य सरकार द्वारा ईओडी व एसीबी में भ्रष्टाचार निवारण अधििनयम की विभिन्न धाराओं के तहत शुरू कराई गई जांच अभी भी जारी है। ऐसी स्थिति में विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह तत्पर, सजग और प्रतिबद्ध कांग्रेस सरकार की मौजूदगी में प्रदेश में भ्रष्टाचार में लिप् तअिधकारियों को बड़े एवं महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जाना किसी भी रूप में उचित नहीं होगा।



