रायपुर। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में जनसंपर्क कार्यालय में पदस्थ पाराशर दंपत्ति ने अपने मार्च माह के 15 दिनों का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का ऐलान किया है। इनकी इस अनुकरणीय पहल को लोगों से सराहना मिल रही है। बता दें कि कीर्ति पाराशर, सहायक जनसंपर्क अधिकारी और शशिरत्न पाराशर सहायक संचालक जिला जनसंपर्क कार्यालय नारायणपुर में पदस्थ हैं। कीर्ति पाराशर ने कहा कि 15 दिन का वेतन ऊंट के मुंह में जीरा के सामान है, जैसे कि जीरा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
छोटी-छोटी राशि या कोई भी सहयोग राज्य शासन के हाथ मजबूत करने में कारकर होगा। शशिरत्न पाराशर ने अधिकारी-कर्मचारियों और समाजसेवी संगठनों और अन्य आर्थिक स्थित से मजबूत लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस के कारण देश और राज्य कठिन दौर में है। इस संकट की घड़ी में सरकार का अपने-अपने तरीके से बेहतर सहयोग करें। राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर, सजग और सर्तक है। लोगों के लिए बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अनुरोध किया कि भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी और नियम और कानून का पालन करें। जैसा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने अपील की ही । आपका यह सहयोग स्वयं और दूसरों के परिवार को कोरोना के संकट से बचाने में मदद करेगा, बल्कि परिवार के लोगों को सुरक्षित रखेगा। यहां यह बताना गैरजरूरी नहीं होगा कि कीर्ति पाराशर और शशिरत्न पाराशर छत्तीसगढ़ की पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता करूणा शुक्ला की भतीजी और दामाद हैं। इनकी इस पहल से समाज में अच्छा संदेश जाएगा।



