मीटर रीडिंग नहीं हो पाने से अभी दिया जा रहा है औसत बिल उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल तक अधिभार भी नहीं लगेगा…
आपको अपना बिजली बिल देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास जो बिल आया है वह एवरेज बिल है मतलब यह है कि साल के 12 महीने में आपके मीटर की जो भी बिलिंग हुई है उस बिलिंग का एवरेज निकालकर बिना मीटर रीडिंग के बिल आपके पास भेजा गया है। यदि आपको लग रहा है कि यह एवरेज बिलिंग ज्यादा है तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगले महीने जब मीटर रीडिंग होगी तो उस रीडिंग के अनुसार ही आपका बिल एडजस्ट कर दिया जाएगा यदि आपने ज्यादा भुगतान कर दिया है तो वह राशि अगले बिल में समायोजित हो जाएगी…।
अब बात रही सरकार की ओर से 2 महीने के बिजली बिल को हाफ करने की योजना का तो आपको बता दें कि इस योजना का लाभ भी आपको मिलने वाला है आपके दो माह के बिजली बिल की आधी राशि ही आपको लगेगी शेष आधी राशि कि आपको छूट मिल जाएगी।
इस संबंध में सीएसपीडीसीएल रायगढ़ क्षेत्र के मुख्य अभियंता सिंह ने बताया कि कोरोना वाइरस का फैलाव रोकने हेतु बिजली उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग का मेन्यूली कार्य बंद है। ऐसे निम्न दाब घरेलू ,गैर घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं को जिनकी मीटर रीडिंग नहीं हुई है उन्हें वर्तमान में औसत बिजली बिल जारी किया जा रहा है। इसकी सूचना एस एम एस. के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर दी जा रही है। औसत बिजली बिल होने के कारण राज्य शासन की हाफ रेट पर बिजली योजना के तहत् 400 यूनिट तक की छूट का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को इसमें फिलहाल देना सम्भव नहीं हो पा रहा है, ऐसी स्थिति में प्रभावित उपभोक्ताओं के हित को दृष्टिगत रखते हुये मूख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप यह निर्णय लिया गया है कि आगामी माह में वास्तविक विद्युत खपत के आधार पर जारी होने वाले बिजली बिल में घरेलू उपभोक्ताओं को योजना के अन्तर्गत एक साथ दो माह का लाभ ( 400़+400 कुल अर्थात 800 यूनिट) अर्थात 800 यूनिट पर छूट का लाभ दिया जायेगा।
प्रदेश के समस्त विद्युत वितरण केन्द्र एवं जोन के ऐसे निम्नदाब उपभोक्ता जिनके कि वर्तमान माह के बिल जारी नहीं हुये हैं उन्हें आगामी माह में एक साथ दो माह की रीडिंग करते हुये बिल जारी किए जाएंगे। औसत बिल के आधार पर विद्युत देयकों का भूगतान करने वाले उपभोक्ताओं के हित में यह भी निर्णय लिया गया कि उनके द्वारा वर्तमान में पटाए गए बिल की राशि अगले माह वास्तविक बिजली खपत के आधार पर कम अथवा ज्यादा होता है तो उस राशि का समायोजन किया जायेगा।



