Home छत्तीसगढ़ 25 प्रतिशत ईंधन शासकीय कार्य के लिए होगा आरक्षित : अमरजीत भगत

25 प्रतिशत ईंधन शासकीय कार्य के लिए होगा आरक्षित : अमरजीत भगत

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  • राज्य में 65 लाख राशनकार्ड धारकों के मध्य राशन का वितरण
  • राज्य सरकार के त्वरित निर्णयों से हालात नियंत्रण में

रायपुर। देश में कोरोना संकट की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य सरकार ने तत्काल कड़े और बड़े फैसले ले लिए थे। यही वजह है कि राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से नहीं फैल पाया। केन्द्र सरकार की एडवाइजरी के पूर्व ही राज्य सरकार ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी थी। यही वजह है कि आज राज्य में लंबे लॉकडाउन के बाद भी स्थिति नियंत्रण में है और राज्य में कोई भी भूखा नहीं सो रहा है।

उक्त बातें राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने एक वीडियो कान्फे्रंस में कही। मंत्री श्री भगत ने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश व मार्गदर्शन में जो तैयारियां की गई है वह सराहनीय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार की एडवाइजरी के पूर्व ही मुख्यमंत्री श्री बघेल के निर्देश के बाद राज्य में बड़े कदम उठाया गया। इसकी वजह से राज्य में कोरोना संक्रमण का चैन टूटा है। राज्य सरकार ने महामारी पर काफी हद तक कंट्रोल किया है। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से ही आज राज्य में फंसे हजारों लोगों तक सूखा राशन और भोजन पहुंचाया जा रहा है। यह कार्य चुनौतीपूर्ण था, लेकिन सभी के सम्मिलित प्रयासों से इस कार्य में भी सफलता मिली है। राज्य में राशनकार्डधारियों को सीधे तीन माह का राशन वितरण किया जा रहा है, जिनके पास राशन कार्ड नहीं था, उन्हें भी राशन मिल रहा है।

इसके अलावा लॉकडाउन की अवधि में भी नए लोगों के लिए राशनकार्ड बनाया जा रहा है। मंत्री श्री भगत ने बताया कि विभाग द्वारा 30 मार्च तक राज्य के 90 प्रतिशत शासकीय उचित मूल्य की दुकान तक तीन माह का राशन पहुंचाया गया। इसके लिए प्रत्येक दिन करीब 1200 ट्रक अनाज लेकर राज्य के प्रत्येक राशन दुकान तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हमने पीडीएस सिस्टम को और मजबूत बनाया है। वर्तमान में 65 लाख राशनकार्ड धारको में से 90 प्रतिशत कार्डधारकों को राशन का वितरण किया गया है। चावल, नमक, चना जैसे खाद्यान्न के लिए 3,328.55 करोड़ की सब्सिडी दिया जा रहा है। संकटकाल को ध्यान में रखते हुए अब सभी पेट्रोलपंपों के 25 प्रतिशत ईंधन को शासकीय कार्य के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

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