- अभाविप के पूर्व संयोजक ने पीएम को किया ईमेल
- पहल की हो रही सराहना
कोरबा:- देश वैश्विक महामारी से जुझ रहा है. इस संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे की मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं. इन सबसे अलग शहर के युवा भाजपा नेता ने कोरोना वायरस पर शोध व वैक्सीन परीक्षण के लिए अपना देह दान कर दिया. इसके बदले शासन से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहयोग नहीं लेने की घोषणा भी की है. इस आशय का पत्र सौंपते हुए अनुमति मांगी है.
कोरोना वायरस कोविड 19 ने पूरे विश्व को झंझोर कर रख दिया है. इसके संक्रमण से लोगों को बचाने वैज्ञानिक दवा की खोज में जुटे हुए हैं. यदि वैज्ञानिक दवा अथवा वैक्सीन की खोज कर लेते हैं तो उन्हें परीक्षण के लिए मानव शरीर की आवश्यकता भी पड़ सकती है. जिसे देखते हुए रविशंकर शुक्ल नगर निवासी राजू अग्रवाल के पुत्र अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व संयोजक व युवा भाजपा नेता बद्री अग्रवाल ने अपर कलेक्टर से मुलाकात किया. उन्होंने अपर कलेक्टर को जिलाधीश किरण कौशल के नाम एक पत्र सौंपा है. जिसके मुताबिक पूरा देश कोरोना संकट से जूझ रहा है. इस खतरनाक बीमारी के कारण मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसी परिस्थति में कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन व दवाईयों की खोज की जाएगी.
जिसकी परीक्षण के लिए मानव शरीर की आवश्यकता पड़ सकती है. वे अपना शरीर देने तैयार हैं. उन्हें भारत माता की सेवा से खुशी मिलेगी. यदि प्रयोग सफल होता है तो लाखों लोगों की जान की रक्षा होगी. इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो पूरी जवाबदारी उन्होंने अपने उपर लेने का जिक्र किया है. खास बात तो यह है कि देह दान के बाद शासन की ओर से किसी भी प्रकार की आर्थिक सहयोग वे अथवा उनका परिवार नहीं लेगा. उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से देह दान की अनुमति मांगी है. इस आशय का पत्र श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा सुबे के मुखिया भूपेश बघेल को भी लिखा है.



