Home बिलासपुर संभाग कोरबा आदतन बदमाश ने लूट ली मानसिक रोगी युवती की अस्मत… घर छोड़ने...

आदतन बदमाश ने लूट ली मानसिक रोगी युवती की अस्मत… घर छोड़ने के बहाने ले गया था जंगल

609
0

कोरबा:- आदतन बदमाश को मानसिक रोगी युवती पर जरा भी तरस नहीं आया. उसने घर छोड़ने के बहाने जंगल ले जाकर युवती को हवस का शिकार बना डाला. वह खून से लथपथ पीड़िता को गांव के बाहर छोड़कर भाग निकला. उसकी हालत देख परिजनों को घटना की जानकारी हुई. पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अनाचार के अलावा एसटी, एससी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.

घटना उरगा थाना क्षेत्र की है. यहां अनुसूचित जाति वर्ग का एक परिवार निवास करता है. इस परिवार की 20 वर्षीय युवती मानसिक रूप से कमजोर है. उसका उपचार करा परिजन थक चुके हैं. युवती अक्सर घर से बस्ती में घुमते हुए निकल जाती थी. प्रतिदिन की तरह रविवार को भी वह घर से कहीं चली गई. परिजन उसकी खोजबीन में लगे हुए थे. इस बीच स्कूल के समीप पिता की नजर बेटी पर पड़ी. वह पुत्री को घर ले जाता, इससे पहले गांव में ही रहने वाला चंद्रकुमार जायसवाल नामक युवक बाइक में सवार होकर पहुंचा. उसने युवती को घर छोड़ने की बात कही. पहले तो पिता ने इनकार किया, लेकिन युवक के बार बार कहे जाने पर वह तैयार हो गया. चंद्रकुमार युवती को अपनी बाइक में बिठाकर घर ले जाने के बजाय जंगल की ओर ले गया.

उसने मानसिक रोगी युवती से अनाचार की वारदात को अंजाम दे दिया. इस दौरान युवक के हमले से युवती के चेहरे व शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई. थोड़ी देर बाद युवक पीड़िता को गांव के बाहर छोड़कर फरार हो गया. पीड़िता के खून से लथपथ होकर घर पहुंचने पर परिजनों को आशंका हुई. उन्होंने डायल 112 को सूचना दी. परिजन डायल 112 की मदद से युवती को देर लेकर थाना पहुंचे. सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई. पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई उपरांत आरोपी को दबोच लिया. उसके खिलाफ धारा 376 के अलावा एसटी, एससी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.
सूत्रों की मानें तो आरोपी आदतन बदमाश है. उसने पहले भी अनाचार की वारदात को अंजाम दिया था. मामले में आरोपी को कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी. करीब एक माह पहले ही सजा काटकर आरोपी जेल से रिहा हुआ था. वह गांव में शराब बनाने व बेचने का कारोबार में संलिप्त था.
बताया जा रहा है कि सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम गांव पहुंची. परिजनों ने डायल 112 में तैनात कर्मचारियों से थाना चलने की गुहार लगाई, लेकिन वे पीड़िता को जिला अस्पताल छोड़कर निकल गए. डाक्टरों ने मामला पुलिस का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही. तब कहीं जाकर पुन: टीम अस्पताल पहुंची और पीड़िता के साथ परिजनों को थाना ले गई.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here