Home देश लॉकडाउन के चलते पीएम जॉनसन के तुगलकी फरमान से ब्रिटेन में उबाल

लॉकडाउन के चलते पीएम जॉनसन के तुगलकी फरमान से ब्रिटेन में उबाल

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लंदन। कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लोगों से अपील की है कि वे आज से काम पर लौटें। जॉनसन ने कोरोना लॉकडाउन खत्म करने के लिए तीन चरणों वाले एक अंतरिम एग्जिट प्लान को पेश किया है। पीएम जॉनसन के इस तुगलकी ऐलान ने ब्रितानी लोगों के भ्रम को बढ़ा दिया है जिससे लोग काफी नाराज हैं और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

दरअसल, बोरिस जॉनसन ने जो एग्जिट प्लान पेश किया है, उसके मुताबिक लोग अपने परिवार के सदस्यों से नहीं मिल सकते हैं लेकिन काम के दौरान अपने सहकर्मियों से मिल सकते हैं। जॉनसन ने कहा कि जो लोग वर्क फ्रॉम होम नहीं कर सकते हैं, उन्हें आज से ही काम पर वापस आने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह पर साइकल या पैदल ऑफिस जाएं।

पीएम ने कहा कि बुधवार से लोग पार्क में एक्सरसाइज कर सकते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के मुताबिक धूप सेंक सकते हैं। उन्होंने ऐलान किया कि अगले महीने से स्कूल खोले जाएंगे। बोरिस के इस ऐलान के बाद उनके राजनीतिक विरोधियों और ब्रिटिश जनता ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि एग्जिट प्लान में और ज्यादा स्पष्टता और आम सहमति की जरूरत है।

ब्रितानी लोगों का कहना है कि काम करने के दौरान लोग अपने सहकर्मियों से मिल सकेंगे लेकिन परिवारों के लिए अभी भी लॉकडाउन के नियम अस्पष्ट बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम बोरिस ने परिवारों के बारे में उल्लेख नहीं किया। स्थानीय लोग इस बात से भी आश्चर्यचकित हैं कि पार्क में दूसरे घर के व्यक्ति से बात करते समय एक व्यक्ति को 6 फुट का फासला रखना होगा।

असल में ब्रिटेन में अब भी कोरोना वायरस संक्रमण के काफी मामले मिल रहे हैं जबकि 31,662 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने शनिवार को कहा है कि इसमें अत्यधिक सावधानी बरते जाने की जरूरत है। उनका यह बयान ब्रिटिश पुलिस की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि वे हारी हुई जंग लड़ रहे हैं क्योंकि लंदन के लोग पार्कों में जा रहे हैं, दक्षिणी इंग्लैंड के तटीय क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं और कई लोग उन यात्राओं पर जा रहे हैं जिन्हें बंद के दौरान अनावश्यक माना जा रहा है।

शैप्स ने कहा, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि हम बीते सात हफ्तों के नियमों और दिशानिर्देशों के पालन के शानदार काम पर सिर्फ इसलिए पानी न फेर दें क्योंकि सप्ताहांत पर दिन काफी सुहावना है। उन्होंने कहा, यह पूरी तरह त्रासद होगा। चिंता की बात यह है कि 23 मार्च को ब्रिटेन में शुरू हुए बंद से स्पष्ट रूप से वायरस का प्रसार कम हुआ है लेकिन जितना सोचा गया था उससे कहीं ज्यादा लंबे वक्त तक लागू रखने की जरूरत है। जॉनसन ने भी संक्रमण और मौत के दूसरे चरण को लेकर चिंता जाहिर की है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी यही कहना है कि यह दुनिया भर में होने जा रहा है क्योंकि देशों ने बंद के नियमों में ढील दी है।

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