छुरा:- गरियाबंद वन मंडल के वनपरिक्षेत्र छुरा में हाथी के झुंड के आने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गरियाबंद वनमंडल की तरफ हाथियों का झुंड लगातार बढ़ रहा है।इससे वनांचल औऱ वन गांवो के आसपास रहने वाले लोगो मे भारी दहशत का माहौल है।हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास वन विभाग द्वारा किया जा रहा है।चार पांच दिन पूर्व करीब 20 से 22हाथियों का दल महासमुंद के शहरी इलाकों में प्रवेश कर गया था, जिससे लोगों में दहशत बढ़ गई थी।इसके बाद दो दिन पूर्व दिन मंगलवार को वन परिक्षेत्र छुरा के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के आने की वजह से दहशत का माहौल है।
वन परिक्षेत्र छुरा के डिप्टी रेंजर धनेश कुमार सिंन्हा से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि 20-22हाथियों का झुंड की मंगलवार से वन परिक्षेत्र छुरा अन्तर्गत में होने की जानकारी मिल रही थी, लेकिन इन हाथियों का झुंड कुड़ेमा गांव के आसपास पहुंचा था जो कि अभी वन परिक्षेत्र छुरा के कोसमी और दुल्ला के बीच कक्ष क्रमांक 228 व 230 में विचरण कर रहा है,जंगल के पास रहने वाले ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल में हाथियों के आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग हांथीयो को देखने पहुंचे थे उनमें हाथियों की फोटो लेने की होड़ मची रही। वहां मौजूद वनकर्मियों के लाख समझाने के बावजूद लोग हाथियों के पास जाकर फोटो लेते रहे तो दूसरी और जिससे ग्रामीण डरे हुए हैं।धनेश कुमार सिंन्हा डिप्टी रेंजर छुरा ने बताया कि सभी गांव में मुनादी कराई गई है। हाथियों से सतर्क करने के लिए पाम्पलेट चिपकाए गए हैं।साथ ही खुद औऱ वनकर्मी भी ग्रामीणों से मिलकर समझाईश दे रहे हैं। कि जब तक हाथी का झुंड जंगल मे सक्रिय है ग्रामीण जंगल में मत जाए औऱ सावधान रहें।
घरों में न रखें महुआ
वन विभाग छुरा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वो महुआ घरों में न रखें।क्योंकि उसके गन्ध से हाथी आकर्षित होते है जिससे वहां नुकसान कर सकते हैं।धनेश कुमार सिंन्हा ने बताया कि डीएफओ व कलेक्टर औऱ एसपी को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। जिसके बाद छुरा थाना प्रभारी व राजस्व अमले को भी सतर्क किया गया है।जिससे किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न घटे औऱ बिना किसी नुकसान करे हाथियों का दल जंगल के रास्ते आगे निकल जाए औऱ यह खतरा टल जाए। क्योंकि इसके 2वर्ष पूर्व भी जो हाथी का दल आया था वो चरौदा होते हुए ओडिसा की तरफ निकला था।
हाथियों की धमक से वनांचल में लोगो की आवाजाही काफी हद तक कम हुई है औऱ लॉकडाउन के दौरान किसी भी हादसे का शिकार होने से बचने के लिए फ़िलहाल ये सावधानी बहुत जरूरी बताई जा रही है।बरहाल अभी हथियों का दल छुरा वन परिक्षेत्र के दुल्ला व कोसमी जंगल के कक्ष क्रमांक 228 से 230 के बीच मे विचरण कर रहे है।
जिसमे निगरानी करने धनेश कुमार सिंन्हा डिप्टी रेंजर, रमेश कुमार साहू डिप्टी रेंजर,राधे गौतम,यादराम सिंन्हा,महेश दीक्षित,के.के.साहू,चिंता निर्मलकर,देशमुख,और गरियाबंद से वन अधिकारी श्री अलोने मौके पर मौजूद है।



