छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) पंचतत्व में विलीन हो गए। गौरेला के ज्योतिपुर के ग्रेवयार्ड में ईसाई रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Ajit Jogi) पंचतत्व में विलीन हो गए। गौरेला के ज्योतिपुर के ग्रेवयार्ड में ईसाई रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।इस अवसर पर प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल सहित विधायकगणों एवं जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी। मंत्रीगणों और जनप्रतिनिधियों ने जोगी के शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।
उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। उनका पार्थिव शरीर आज सुबह रायपुर से गौरेला के गृहग्राम जोगीसार लाया गया।
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया। पिछले 20 दिनों में जोगी को तीसरी बार कार्डियक अरेस्ट हुआ था।
बता दें कि 74 वर्षीय अजीत जोगी को 9 मई की दोपहर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस की नली में गंगा इमली का बीज फंस जाने से उनकी सांस रुक गई थी और कॉर्डियक अरेस्ट हुआ था। तब से वे वेंटीलेटर पर थे। उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था।



