केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 8,171 नए मामले सामने आए हैं और 204 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,98,706 हो गई है, जिनमें से 97,581 सक्रिय मामले हैं, 95,527 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 5,598 लोगों की मौत हो चुकी है।
देश में आज जानलेवा कोरोना वायरस के मामले करीब दो लाख हो गए हैं. पिछले 24 घंटों में 8171 मामले सामने आए हैं. वहीं 204 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक एक लाख 98 हजार 706 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं 5598 लोगों की मौत हो चुकी है. 95 हजार 527 लोग ठीक भी हुए हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा संक्रमित राज्य हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक के कुल संक्रमित मरीजों में से करीब 75% मरीज और 83% मौत सिर्फ 6 राज्यों में हुई है. अब तक सामने आए कुल मामले में से 75.33% केस जिन 6 राज्यों में है वो है महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश. सबसे ज्यादा चिंता महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली और गुजरात में है. यहां रोज़ाना बहुत तेजी से मामले बढ़ रहे है.
India reports 8,171 new #COVID19 cases & 204 deaths in the last 24 hours. Total number of cases in the country now at 1,98,706 including 97,581 active cases, 95,526 cured/discharged/migrated and 5,598 deaths: Ministry of Health and Family Welfare pic.twitter.com/hl9Mu1eznD
— ANI (@ANI) June 2, 2020
देश में इलाज के बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की कुल दर तेजी से बढ़ रही है और यह 48.19% हो गई है. इलाज के बाद स्वस्थ होने वाले लोगों की दर 18 मई को 38.29% थी. 3 मई को यह 26.59% थी और 15 अप्रैल को यह 11.42% थी. वर्तमान में देश में सक्रिय चिकित्सा निगरानी के अंतर्गत आने वाले मामलों की संख्या 93,322 है. एक निश्चित अवधि में बीमारी से संक्रमित कुल लोगों की तुलना में मरने वालों की अनुपात दर(केस फेटेलिटी रेट) 2.83% है. 18 मई को यह 3.15% था. 3 मई को 3.25% और 15 अप्रैल को 3.30% था.
देश में एक निश्चित अवधि में बीमारी से संक्रमित कुल लोगों की तुलना में मरने वालों के अनुपात में लगातार गिरावट आ रही है. कम मृत्यु दर का कारण निगरानी, समय पर मरीज की पहचान और मामलों का क्लीनिकल प्रबंधन करना है. दो विशेष बातें नोटिस की जा सकती हैं, एक तरफ ठीक होने की दर बढ़ रही है, दूसरी तरफ एक निश्चित अवधि में बीमारी से संक्रमित कुल लोगों की तुलना में मरने वालों की अनुपात की दर गिर रही है.



