नईदिल्ली। भारतीय रेलवे ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए टिकट को रद्द करने के एवज में यात्रियों को 1885 करोड़ रुपये वापस कर दिए गए हैं। बता दें कि रेलवे ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान अपनी नियमित यात्री ट्रेन सेवा रद्द कर दी थी। रेलवे ने कहा है, ‘सभी ट्रेनों को रद्द किए जाने के कारण रेलवे के सामने यात्रियों के रुपये वापस करने की चुनौती थी।Ó भारतीय रेलवे ने कहा है कि उसने 21 मार्च से 31 मई के बीच ऑनलाइन तरीके से बुक टिकट के एवज में रद्द टिकटों के लिए 1885 करोड़ रुपये यात्रियों को वापस कर दिए हैं।
रेलवे ने टिकट खरीदने में लगी पूरी राशि लौटाई गई है। रेलवे ने कहा है कि टिकट बुक करते समय जिस खाते से भुगतान हुआ था, उसी में राशि भेज दी गई है। रेलवे के इस कदम से यात्रियों को समय पर अपनी पैसे मिल गए हैं और वह इस राशि को पाने के लिए पीआरएस काउंटर जाने से बच गए हैं।
जिन यात्रियों ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन की वेबसाइट या ऐप के जरिए टिकट बुक किए थे, उनको कैंसिल टिकटों के पैसे रिफंड किए गए हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा, टिकट रद्द होने के बाद रेलवे ने यात्रियों को उनके उसी अकाउंट में पैसे वापस कर दिए हैं, जिनसे बुकिंग के समय भुगतान किया गया था। ऑनलाइन बुकिंग के कारण उपभोक्ताओं को पीआरएस काउंटर पर जाकर वापसी लेने की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
बता दें, भारतीय रेलवे ने 13 मई को घोषणा की थी कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के अलावा 30 जून तक की नियमित ट्रेनों की पुरानी बुकिंग रद्द की जाती है और यात्रियों को उनका पैसा रिफंड किया जाएगा। कोरोना के लक्षणों की वजह से ट्रेन यात्रा के लिए अनफिट पाए गए यात्रियों को भी उनके टिकट का पैसा रिफंड किया जाएगा। यदि किसी एक ग्रुप टिकट पर एक पैसेंजर अनफिट पाया गया और अन्य यात्रियों ने भी यात्रा से इंकार कर दिया तो यात्रियों को उनका पूरा पैसा रिफंड किया जाएगा।



