रायपुर। धर्मजयगढ़ में मृत मिले हाथी जिसे अब तक गणेश समझा जा रहा था वह कोई अन्य हाथी निकला। देर शाम को जब हाथी का क्रेन की सहायता से पलटकर देखा गया तो पता चला कि गणेश हाथी की जो पहचान थी वह मृत हाथी में नही मिली जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि मृत हाथी गणेश नही है। अब डोजियर मैच से इस बात की पुष्टि की जाएगी। वहीं मृत हाथी का पास्टमार्टम भी वन विभाग के डॉक्टर नहीं करेंगे। बल्कि अब बंगलुरु से आए दो एक्सपर्ट करेंगे। ये दोनों वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रायपुर से धर्मजयगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला जारी है। गुरूवार को भी एक हाथी की मौत हो गई थी जिसे छत्तीसगढ़ के चर्चित हाथी गणेश माना जा रहा था किंतु शाम को जब क्रेन की सहायता से हाथी को पलट कर देखा गया तो उसमें वो निशान मौजूद नही थे जो गणेश हाथी में थे। जैसे कि गणेश के पैर में चोट के निशान थे जबकि मृत हाथी के पैरो में नही थे साथ ही गणेश का एक दांत क्षतिग्रस्त था जबकि मृत हाथी का दांत सही सलामत मिला। जिसके आधार पर मृत हाथी के गणेश न होने की पुष्टि हो रही हालांकि अभी डोजियर मैच किया जाएगा जिसके बाद ही पुष्टि की जाएगी। वहीं मामलें में हाथी उसकी मौत की वजह अभी साफ नहीं है।
धर्मजयगढ़ की डीएफओ प्रियंका पांडेय ने जो वीडियो बनाया है, उसमें वो हाथी की मौत की वजह ज़्यादा कटहल खाना बता रही हैं। जो बात किसी के गले नहीं उतर रही है और सवाल उठने लगे हैं। गणेश हाथी की मौत के बीच उठते सवालों को देखते हुए वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर ये फैसला किया गया कि इसकी मौत की वजह तलाशने का जि़म्मा बाहर के एक्सपर्ट को दिया जाए। जिसके लिए बंगलुरू के दो एक्सपर्ट डॉ अरूण एवं डॉ एसएस प्रयाग को गणेश के पोस्टमार्टम का जिम्मा दिया गया है। डॉक्टर अरुण बंगलुरु के वेटनरी रिसर्च एंड सर्विसेस वाइल्ड लाइफ एसओएस के असिस्टेंट डायरेक्टर हैं वहीं डॉ एसएस प्रयाग बंगलुरु के हेब्बल वेटेनेरी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।



