’ख़ौफ से आज़ादी’ नामक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे उमर कांस्टीट्यूशनल क्लब में
न्यूज़ डेस्क
13 Aug 2018 प्रारंभिक सूचना के आधार पर रफी मार्ग स्थित कांस्टीट्यूशनल क्लब के बाहर किसी व्यक्ति ने उमर खालिद पर गोली चला दी। हाँलाकि इस फायरिंग से उमर बाल-बाल बच गए और उन्हे किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहूँची हैं।
दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल क्लब के मुख्य द्वार के बाहर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्दालय के छात्र नेता उमर खालिद पर किसी अज्ञात शख्स ने जानलेवा हमला कर दिया दरअसल यह हमला उस दौरान हुआ जब उमर कांस्टीट्यूशनल क्लब में ’ख़ौफ से आज़ादी’ नामक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहूँचे थे जिसका आयोजन ’यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ संस्थान ने किया था। इस कार्यक्रम में आर.जे.डी से राज्य सभा सांसद मनोज सिन्हा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण समेत रोहित वेमुला की माँ फातिमा नफीस भी आमंत्रित थी ।
उमर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ’’पिछले दो सालों से लगातार मीडिया और सरकार की ट्रोल आर्मी के द्वारा उन लोगों के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है जो सरकार के विरुद्घ अपनी राय रखते हैं। जिस वक्त मुझ पर बंदूक की नोक थी मुझे गौरी लंकेश की तरह महसूस हो रहा था, अगर मेरे साथी मेरे साथ नहीं होते तो आज मैं जिन्दा नहीं होता।’’
फायरिंग करने वाले व्यक्ति को उमर के साथियों ने पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह मौके से भागने में कामयाब रहा। खबरों के मुताबिक खालिद पर हमला उस वक्त हुआ जब उमर और उनके साथी कांस्टीट्यूशनल क्लब के पास ही मौजूद एक चाय की दुकान के पास खड़े थे। तभी एक सफेद शर्ट पहने व्यक्ति ने उमर के साथ धक्का मुक्की की जिसके कारण वह ज़मीन पर गिर गए और हमलावर ने उमर पर गोली चला दी ज़मीन पर गिरने के कारण हमलावर का निशाना चूक गया।
वहीं इस घटना की हरतरफ निंदा हो रही है। गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने ट्वीटर पर वीडियो साझा करते हुए कहा है कि ’’इस हमले को संघ परिवार के अलावा और कोई अंजाम नहीं दे सकता, यह वही लोग है जिन्होने गौरी लंकेश, दाबोलकर और पंसारे को मारा था।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि 15 अगस्त से दो दिन पूर्व जब पूरी दिल्ली को छावनी में तबदील कर दिया गया हो, उस दौरान संसद से कुछ दूर कोई व्यक्ति पिस्तौल के साथ कैसे पहूँचा ? और यह भी कि दिल्ली भी कर्नाटक, महाराष्ट्र के कारगुजारी करने वाले शूटरो की ज़द में है .



