Home बिलासपुर संभाग कोरबा कोल इंडिया में हड़ताल का व्यापक असर, श्रमिक संगठन सक्रिय, उत्पादन ठप्प

कोल इंडिया में हड़ताल का व्यापक असर, श्रमिक संगठन सक्रिय, उत्पादन ठप्प

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कोरबा। कमर्शियल माईनिंग को लेकर देश की सभी सरकारी खदानों में विरोध के सुर तेज हो गए है । कोल सचिव के साथ ही कोल मंत्री के साथ आयोजित बैठक बेनतीजा होने के बाद गुरुवार से तीन दिवसीय हड़ताल की शुरुआत हो गई। देश की सभी पांच प्रमुख ट्रेड यूनियन एक मंच पर आकर कोयला जगत में हड़ताल किया । कोल इंडिया की सभी 6 कोयला कंपनियों की सैकड़ों खदानों में उत्पादन प्रभावित रहा ।

सुबह से ही श्रमिक संगठन आंदोलन को सफल बनाने की कोशिशों में जुटे रहे । एसईसीएल की सभी परियाजनाओं में हड़ताल का असर देखने को मिला । कोरबा की सभी खदानों में हड़ताल को सफल बनाने के लिए जोर आजमाईश चलती रही । एसईसीएल की मानिकपुर , कुसमुंडा , गेवरा , दीपका , रजगामार , बांकीमोंगरा सहित सभी खदानों म हड़ताल को लेकर श्रमिक संगठन सक्रीय नजर आए। इस दौरान ट्रेड यूनियनों ने एक सुर में मोदी सरकार की खिलाफत करने हुए कहा, कि देश के कोयलाबाजार में किसी की घुसपैठ होने नहीं दिया जाएगा। तीन दिन सांकेतिक हड़ताल के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा ।

केन्द्र सरकार ने कोल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया शुरू करते ही श्रमिक यूनियनों ने आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया। इसी दिन ही जीएम को ज्ञापन सौंपकर नीलामी प्रक्रिया नहीं करने ज्ञापन सौंपते हुए हड़ताल की चेतावनी दी। इसके बाद कर्मचारियों को हड़ताल की जानकारी देने गेट मीटिंग आयोजित की। मंगलवार को कोल इंडिया के अफसरों के साथ श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। लेकिन सहमति नहीं बन पाने से वार्ता विफल रही।

केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल माइनिंग को कोयला उद्योग में लागू करने के निर्णय के विरुद्ध संयुक्त ट्रेड यूनियन कि तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन करने माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर, श्रमिक नेता जनकदास के साथ हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुँच कर हड़ताल का समर्थन करते हुए माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहे कि कमर्शियल माइनिंग का विरोध केवल ट्रेड यूनियन को ही नहीं बल्की नौजवानों,किसानों, महिलाओं सभी को मिलकर पुरजोर विरोध करना होगा क्योंकि इससे सभी को नुकसान होगा। माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने हड़ताल कर रहे मजदूरों के बीच पहुंच कर हड़ताल का समर्थन करते हुए कही की कोयला उद्योग से जुड़े लाखों कामगारों का न केवल भविष्य अंधकारमय हो जाएगा बल्की रास्ट्र की संपदा को लूटने की खुली छूट कुछ पूंजीपतियों के पास चला जायेगा जो एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है माकपा इस हड़ताल की मांगो को लेकर गांव गांव में अभियान चलाएगी।

कटघोरा विधायक पुरषोत्तम पुरषोत्तम कंवर के प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने बताया की कटघोरा विधायक पुरषोत्तम कंवर ने इस तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा है कि कमर्शियल माइनिंग का निर्णय कोयला कामगारों के लिए घातक साबित होगा। इसका पुरजोर विरोध करना अत्यंत आवश्यक है। कमर्शियल माइनिंग एक्ट लागू होने से कोयला खान राष्ट्र्रीयकरण अधिनियम 1972 और 1973 समाप्त हो जाएगा जिस से कोयला उद्योग से जुड़े हजारो कामगारों का न केवल भविष्य अंधकारमय हो जाएगा बल्कि राष्ट्र्र की अमूल्य संपदा का भरपूर दोहन का अधिकार मात्र कुछ पूंजीपतियों के पास चला जायेगा जो एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। पुरषोत्तम कंवर ने कमर्शियल माइनिंग का विरोध किया है।

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