सीएम हाउस में रात 8 बजे मंत्रणा बैठक
रायपुर:- छत्तीसगढ़ के 12 विधायक संसदीय सचिव बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। प्रदेश में निगम मंडलों के साथ संसदीय सचिवों की नियुक्तियां की जानीं हैं। लेकिन निगम मंडल के लिए सूची को कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी मिलना बाकी है। लेकिन संसदीय सचिवों के मामले में कोई पेंच नहीं है।
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सोमवार रात आठ बजे मुख्यमंत्री निवास में एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में संसदीय सचिवों के विभागों का बंटवारा होगा। यानि अंतिम रूप से तय किया जाएगा कि किस मंत्री के साथ संसदीय सचिव काैन होगा। सूत्रों की मानें तो संसदीय सचिव तय करने के मामले में उन विधायकों को तवज्जो दी जाएगी जो विरोधी दलों के बड़े नेताओं को हराकर आए हैं। अभी ये साफ नहीं है कि संसदीय सचिवों को शपथ दिलाई जाएगी या नहीं। क्योंकि संविधान में संसदीय सचिवों को शपथ दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है। पूर्ववर्ती सरकार में जब संसदीय सचिवों को शपथ दिलाने की बात आई थी तो तत्कालीन राज्यपाल ने यह कहते हुए इनकार किया था कि संविधान के मुताबिक वे शपथ नहीं दिला सकते हैं। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने शपथ दिलवाई थी। इस बार देखना होगा कि कांग्रेस सरकार शपथ के मामले में किस तरह का निर्णय करती है।
संसदीय सचिवों को नहीं होगा स्वेच्छानुदान का अधिकार
छत्तीसगढ़ में संसदीय सचिवों को स्वेच्छानुदान का अधिकार नहीं होगा। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फैसला दे चुका है। संसदीय सचिव मंत्रियों के समान स्वेच्छानुदान की पात्रता नहीं रखते हैं।
कैबिनेट के बाद कार्यभार ग्रहण
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंगलवार 14 जुलाई को राज्य मंत्रि परिषद की बैठक रखी गई है। इस बैठक में राज्य सरकार की गोधन योजना सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लिए जाएंगे। इसके बाद संसदीय सचिवों से संबंधित कार्यक्रम होने की संभावना है।
संसदीय सचिवों के संभावित नाम
रायपुर पश्चिम – विकास उपाध्याय
तखतपुर – रश्मि ठाकुर
जगदलपुर- रेख चंद जैन
कांकेर- शिशुपाल सोरी
गुंडरदेही- कुंवर निषाद
चंद्रपुर- राम कुमार यादव
बैकुंठपुर- अम्बिका सिंहदेव
सामरी- चिंतामणि महाराज
डोंगरगांव- दलेश्वर साहू
भटगांव- पारस नाथ रजवाड़े
जशपुर- विनय भगत
बिलाईगढ़- चंद्रदेव राय



