नईदिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपनी खरीद प्रकियाओं में बड़ा बदलाव कर चीन को बड़ा झटका की तैयारी कर ली है। घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़े नियमों में एक प्रावधान जोड़ा जाएगा जिससे घरेलू वेंडर्स और सप्लायर्स रेलवे की खरीद प्रक्रिया में अधिक से अधिक बोली लगा सकेंगे। इस मामले में रेलवे ने एक बयान जारी कर कहा कि इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत मिशन को प्रोत्साहन मिलेगा। बयान में कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो उचित नीतिगत बदलावों के लिए डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड से भी मदद मांगी गई है।
भारतीय रेलवे ने बताया कि खरीद प्रक्रिया में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए शनिवार एक समीक्षा बैठक हुई। जिसमें इस बात पर अधिक जोर दिया गया कि खरीद प्रक्रिया में लोकल वेंडर्स की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए। बैठक में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे और भारत सरकार की खरीद प्रक्रिया में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के उपायों की समीक्षा की।
इस बैठक में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे की खरीद प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाकर इंडस्ट्री में विश्वास पैदा करने के उपायों पर जोर दिया। रेलवे ने बयान में कहा कि खरीद में लोकल कंटेंट क्लॉज इस तरह का होना चाहिए कि इससे लोकल वेंडर्स और सप्लायर्स की तरफ से ज्यादा बोलियां आए। इससे आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय सेवा प्रदाताओं और कलपुर्जा विनिर्माताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रणनीतियां बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (त्रद्गरू) दुनिया भर में सरकारी खरीद से जुड़ा बेहद नवीन विचार है। गोयल ने बाजार को उद्योग के लिए विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों और एमएसएमई के लिए खोलकर जीईएम प्लेटफॉर्म से रेलवे की लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवाओं को खरीदने पर जोर दिया।



