रायपुर। बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को राजधानी पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पायी है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके है।
रायपुर एसएसपी अजय यादव ने आज इस गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि खमतराई थाना रायपुर में आरोपियों के ठगी का शिकार हुए प्रार्थी तिलक राम साहू ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने शिकायत में पुलिस को बताया था कि उसके नाम से एक्सीस बैंक में मैक्स लाईफ इंश्योरेंस की पॉलिसी है। करीब 9 माह पहले पूजा शर्मा और केके विश्वकर्मा का उसके पास फोन आया। दोनों ने खुद को मैक्स लाईफ इंश्योरेंस का अधिकारी बताकर पॉलिसी के संबंध में फायदा बताते हुए उसे झांसे में लिया।
आरोपियों ने प्रार्थी को पॉलिसी की रकम को दुगना करने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में 9 लाख 28 हजार रूपए चेक के माध्यम से मांगे। इसके बाद आरोपियों ने और ढाई लाख रूपए की मांग की। इसके बाद बैंक से प्रार्थी को पता चला कि उसने जो चेक के माध्यम से रकम जमा की वो तो उसकी पॉलिसी में जमा ही नही की गई है। प्रार्थी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुये एसएसपी अजय यादव ने एडिशन एसपी लखन पटले और क्राईम एडिशन एसपी अभिषेक माहेश्वरी को जांच के आदेश दिये। क्राईम एडिशन एसपी माहेश्वरी के नेतृत्व में खमतराई और सायबर सेल की संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि ठगी करने वाला गिरोह अंतर्राज्यीय है और दिल्ली में रहकर घटना को अंजाम दे रहे है। पुलिस की टीम ने दिल्ली में 15 दिनों का कैंप कर तीन आरोपी मोह असलम, मोह इलयास और धीरज कुमार को गिरफ्तार किया। तीनों ने छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में ठगी करने की बात कबूल की है।
बताया गया कि आरोपियों ने ठगी की घटना को अंजाम देने के लिये गाजियाबाद के लेनी नामक स्थान पर एक हाईटेक कॉल सेंटर बनाकर रखा हुआ है। ये लोग यहीं से ठगी की घटना को अंजाम दिया करते थे। पकड़े गये आरोपियों ने पूछताछ में बताया हैं कि इंश्योरेंस पॉलिसी धारको के बारे में वो डाटा चोरी कर पीडि़तों से संपर्क करते थे। आरोपी संपर्क करने के लिये एक बार में एक ही सिम का उपयोग करते थे। आरोपियों के पास से पुलिस ने 14 नग मोबाइल, एटीएम कार्ड, कम्प्यूटर प्रिंटर, डेबिड कार्ड, आधार कार्ड, पेन कार्ड, चेक बुक एवं कई इंश्योरेंस पालिसी का डाटा जब्त किया है। पुलिस आरोपियों से इन डाटा के संबंध में अभी पूछताछ कर रही है।



