नई दिल्ली। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने यू-टर्न लेते हुए कहा है कि वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे. करीब एक महीने उन्होंने ऐलान किया था कि वे पीएम के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.
ताजा घटनाक्रम में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वे नहीं चाहते कि दलित वोटों का बंटवारा हो. इसलिए वे सपा-बसपा गठबंधन का समर्थन करेंगे. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सपा-बसपा गठबंधन यदि सतीश चंद्र मिश्रा को भी टिकट देता है तो उन्हें भी समर्थन दिया जाएगा. बता दें कि इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने चंद्रशेखर आजाद को बीजेपी का एजेंट करार दिया था. मायावती ने उन पर दलित वोटों के बंटवारे का आरोप भी लगाया. मायावती के इस बयान के बाद भी चंद्रशेखर ने वाराणसी से न लडऩे का फैसला किया है. आजाद ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि मेरे फैसले से बीजेपी को फायदा हो या उन्हें मजबूती मिले. हम सभी बीजेपी और मोदी को हराना चाहते हैं.



