नई दिल्ली। निजी विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज ने अपनी उड़ानें गुरुवार से अस्थायी रूप से बंद करनेका फैसला किया है. वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी ने नकदी के कमी के कारण यह फैसला किया है. बता दें कि जेट एयरवेज की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 11 तारीख से ही बंद हैं.
कंपनी के अनुसार आर्थिक संकट के कारण उन्हें ईंधन एवं अन्य जरुरतों की पूर्ति करने में परेशानी हो रही है. जिसके कारण उड़ानों को गुरुवार से बंद किया जा रहा है. कंपनी के अनुसार उसकी आखिरी उड़ान बुधवार की रात को होगी. जेट एयरवेज इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रही है. कंपनी अपने कर्मचारियों को भुगतान तक नहीं कर पा रही है. जिसके कारण कर्मचारियों में भारी नाराजगी है.
दूसरी ओर बैंकों ने भी जेट एयरवेज को तत्काल 400 करोड़ का ऋण देने से इनकार कर दिया जिससे कंपनी की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा. कंपनी को कर्मचारियों की सैलरी और पट्टे के विमान का किराया चुकाने के लिए भारी भरकम रकम की जरुरत थी. लेकिन अब कर्ज न मिलने की स्थिति में कंपनी को अपने सभी विमान ग्राउंड करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. 25 साल पुरानी इस विमानन कंपनी को 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज चुकाना है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुलाई बैठक
विमानन के संकट को देखते हुए नागरिक उड्डय मंत्रालय ने गुरुवार को एक बैठक बुलाई है. मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि विमानन कंपनी ने उड़ाने अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी है. नगर विमानन महानिदेशालय स्थितियों पर नजर रखे हुए है ताकि लोगों को रिफंड टिकट और अन्य मामलों में कोई परेशानी पेश न आए. बैठक में विमान किराए को स्थिर रखने पर चर्चा की जाएगी.



