नई दिल्ली। बनारस जैसी हाई प्रोफाइल सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में महागठबंधन के उम्मीदवार तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी खतर में पड़ गई है. जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर एक मई तक जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है.
दरअसल तेज बहादुर यादव ने पहले निर्दलीय के तौर पर नामांकन भरा था. बाद में उन्हें समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने दोबारा नामांकन दाखिल किया. दोनों नामांकन पत्रों में तेज बहादुर यादव ने नौकरी से बर्खास्त करने को लेकर अलग-अलग बातें कहीं है. इसी को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर जानकारी स्पष्ट करने के लिए कहा है. और इसके लिए उन्हें बुधवार पांच बजे तक का समय दिया है. यदि वे ऐसा नहीं कर पाए तो उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी. बता दें कि तेज बहादुर ने बीएसएफ में रहते हुए वीडियो जारी कर खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी. जिसके बाद तेज बहादुर चर्चा में आए थे. बाद में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. जिसके बाद वे लगातार केंद्र सरकार पर हमले कर रहे थे. फिर उन्होंने बनारस से प्रधानमंत्री के खिलाफ चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया. इसके बाद सपा-बसपा गठबंधन की ओर से उन्हें अपना प्रत्याशी बना दिया गया.



